Delhi University Big Update: अब बिना Master Degree सीधे करें PhD, DU ने जारी की नई Eligibility Criteria

By दिव्यांशी भदौरिया | Aug 23, 2026

हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय ने 4 वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (FYUP) पूरा करने वाला छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का नया रास्ता ओपन किया है। फिलहाल निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले छात्र मास्टर डिग्री किए बिना सीधे पीएचडी में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। 

FYUP में कितने छात्रों ने चौथा साल चुना था?

दिल्ली विश्वविद्यालय ने 2022-23 के शैक्षणिक सत्र से चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम शुरु किया था। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के आधार पर तैयार स्नातक पाठ्यचर्या ढांचे के तहत लागू किया जाएगा। वहीं, 2022-23 में डीयू में स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग सहित कुल 75,948 छात्रों ने दाखिला लिया था। इनमें से 40,005 छात्र तीन साल की स्नातक पढ़ाई पूरी करने के बाद 2025 में बाहर हो गए, जबकि करीब 35,943 छात्रों ने चौथे वर्ष में पढ़ाई जारी रखी है। इनमें से 12,111 छात्रों ने 2026-27 में एक वर्षीय पीजी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन किया है।

एक वर्षीय पीजी में कितनी सीटें हैं?

डीयू ने 2026-27 के लिए 46 विषयों के एक वर्षीय पीजी कार्यक्रमों में कुल 5,857 सीटें उपलब्ध कराई है। इनमें 2,807 सीटें नियमित मोड में है। अर्थात औसतन हर कार्यक्रम में करीब 127 सीटें हैं।

क्या तीन साल बाद पीजी का विकल्प भी रहेगा?

हां बिल्कुल, डीयू ने चार साल स्नातक कार्यक्रम के साथ दो वर्षीय पीजी कार्यक्रमों में सीटों की संख्या बरकरार रखी है।  ये कार्यक्रम खास तौर पर उन छात्रों के लिए सबसे जरुरी है, जो FYUP में तीन साल की पढ़ाई पूरा करने के बाद स्नातक शिक्षा से बाहर हो गए हैं। यानी के छात्रों के पास उनकी स्नातक पढ़ाई के आधार पर आगे बढ़ने के अलग-अलग विकल्प मौजूद रहें।

दूसरे विश्वविद्यालयों के मुकाबले डीयू में कितनी ज्यादा सीटें?

एक वर्षीय पीजी कार्यक्रमों के मामले में डीयू का विस्तार अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में काफी बड़ा है।  JNU ने 6 कार्यक्रमों में 71 सीटें, जबकि अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (AUD) ने 7 कार्यक्रमों में 210 सीटें मौजूद हैं। वहीं, डीयू 46 एक वर्षीय पीजी कार्यक्रमों में 5,857 सीटें।

डीयू ने चार वर्षीय यूजी कार्यक्रम कब शुरू किया था?

दिल्ली विश्वविद्यालय ने 2022-23 के शैक्षणिक सत्र से 4 वर्षीय स्नातक कार्यक्रम लागू किया था। इसे स्नातक पाठ्यचर्या ढांचा (UGCF) 2022 के जरिए लागू किया गया, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आधारित है।

वहीं FYUP का मुख्य रुप से उद्देश्य छात्रों को स्नातक स्तर पर शोध और उद्यमिता का अधिक अनुभव प्रदान करता है और भारतीय डिग्री कार्यक्रमों को वैश्विक शैक्षणिक मानको के अनुरुप बनाना था। 

फिलहाल इस कार्यक्रम के तहत पहला बैच चार साल की पढ़ाई पूरी कर चुका है। इसके साथ ही डीयू ने छात्रों के लिए एक वर्षीय पीजी और पात्र छात्रों के लिए सीधे पीएचडी जैसे नए शैक्षणिक ऑप्शन सामने रखे हैं। 

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