By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 21, 2023
जोशीमठ (उत्तराखंड)। उत्तराखंड के जोशीमठ में भूधंसाव से प्रभावित सैकड़ों परिवारों के विस्थापन के चलते इस हिमालयी शहर में एक और त्रासदी उत्पन्न हो गई है। यहां अनेक कुत्ते, मवेशी और अन्य घरेलू जानवरों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है, क्योंकि भूधंसाव के बचने के लिए मालिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। दीवारों में दरारों के और गहरा होने के कारण परिवार वालों के घर छोड़कर चले जाने के बीच कुछ जानवर घरों में अकेले ही रह गए हैं जबकि कुछ छोटे पालतू जानवरों को एक कमरे में रहने को मजबूर परिवारों के साथ आश्रय गृहों में रहना पड़ रहा है।
जोशीमठ में भूधंसाव की समस्या सामने आने के बाद से प्रभावित परिवारों को आनन-फानन में सुरक्षित जगहों पर विस्थापित होना पड़ा, जिसके चलते संकट से जूझ रहे कई लोग अपने पालतू और घरेलू जानवरों को नजरअंदाज करने पर मजबूर हुए। भूधंसाव से प्रभावित सुनील इलाके की निवासी नेहा सकलानी ने कहा, ‘‘मेरे पास चार पालतू जानवर हैं। इनमें से एक मेरे साथ होटल में है जबकि तीन घर में ही हैं। हालांकि, हम दिन में जाकर उनकी देखभाल करते हैं और उन्हें खाना देते हैं।’’ अय्यर ने कहा कि पालतू जानवरों या आवारा जानवरों की गिनती के लिए सर्वेक्षण किए जा रहे हैं और यदि आवश्यक हो तो उन्हें आश्रय घरों में स्थानांतरित करने में मदद की जाएगी।