By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 24, 2023
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को धन शोधन मामले में रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक समूह के अध्यक्ष और प्रवर्तक आर के अरोड़ा, उनकी कंपनी और आठ अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें उन पर फ्लैट खरीदारों को धोखा देने की ‘‘आपराधिक साजिश’’ रचने का आरोप लगाया गया। ईडी ने आरोपियों पर कम से कम 670 फ्लैट खरीदारों से 164 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। लगभग 100 पेज की अभियोजन शिकायत विशेष न्यायाधीश देवेंदर कुमार जांगला के समक्ष दाखिल की गई, जिसमें दावा किया गया कि धन शोधन के आरोप में अरोड़ा पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के लिए मामले की तारीख 28 अगस्त तय की। अरोड़ा को तीन दौर की पूछताछ के बाद 27 जून को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था।
ईडी ने कहा कि कंपनी ने समय पर फ्लैट का कब्जा प्रदान करने के सहमत दायित्व का पालन नहीं किया और आम जनता को ‘‘धोखा’’ दिया। एजेंसी ने कहा कि धन सुपरटेक लिमिटेड और अन्य समूह कंपनियों द्वारा एकत्र किया गया था। ईडी ने कहा कि कंपनी ने आवास परियोजनाओं के निर्माण के लिए बैंक और वित्तीय संस्थानों से परियोजना-विशिष्ट सावधि ऋण भी लिया था। ईडी ने कहा कि हालांकि, इन कोष का ‘‘दुरुपयोग और इस्तेमाल समूह की अन्य कंपनियों के लिए किया गया। एजेंसी ने कहा कि सुपरटेक समूह ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को भुगतान में भी चूक की और वर्तमान में ऐसे लगभग 1,500 करोड़ रुपये के ऋण गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) बन गए हैं।