By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 07, 2026
बेंगलुरु, सात सितंबर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वाल्मीकि कॉरपोरेशन के धन की कथित हेराफेरी से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में सोमवार को कर्नाटक के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बी. नागेंद्र का बयान दर्ज किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधायक का बयान यहां ईडी के दफ्तर में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया।
करीब 89 करोड़ रुपये के वाल्मीकि कॉरपोरेशन ‘‘घोटाले’’ में कथित तौर पर शामिल होने के आरोपों को लेकर विपक्ष के दबाव के चलते, विधायक ने अगस्त के आखिर में दूसरी बार कर्नाटक मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। मामला सामने आने के बाद उन्होंने 2024 में भी इस्तीफा दिया था और बाद में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, उन्हें जमानत मिल गई।
दूसरी बार इस्तीफा देने के बाद, उन्होंने विपक्षी पार्टी भाजपा पर कथित वाल्मीकि कॉरपोरेशन घोटाले के बारे में ‘‘झूठ फैलाने’’ का आरोप लगाया। नागेंद्र ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस सरकार और पार्टी को शर्मिंदगी से बचाने के लिए मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया। वाल्मीकि कॉरपोरेशन का मामला उस वक्त सामने आया, जब मई 2024 में इसके अकाउंट अधिकारी चंद्रशेखरन पी ने आत्महत्या कर ली और एक पत्र छोड़ा, जिसमें बिना इजाजत पैसे अन्य बैंक खाते में भेजने का आरोप लगाया गया था।