ईडी ने एसोसिएटेड जर्नल्स को पंचकुला में आवंटित जमीन कुर्क की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 04, 2018

नयी दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को पंचकुला में आवंटित भूखंड धन शोधन रोधी कानून के तहत कुर्क कर लिया है। हरियाणा सरकार ने एजेएल को यह जमीन एक बार निरस्त करने के बाद पुन: 2005 में आबंटित की थी। इसपर कथित रूप से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का नियंत्रण है। जांच एजेंसी ने सोमवार को यह जानकारी दी। एजेंसी ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि एक दिसंबर को मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया गया।

सीबीआई ने उसी दिन गलत तरीके से एजेएल को भूमि आबंटित करने को लेकर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। ईडी के अनुसार चूंकि गलत तरीकों से आवंटित इस भूखंड का मूल्य ‘‘अपराध से अर्जित धन/सम्पत्ति के समान है, लिहाजा ईडी ने पीएमएलए कानून के तहत भूखंड को कुर्क कर लिया है।’’ इस पर कांग्रेस ने कहा है कि उनके नेताओं के खिलाफ अनियमितताओं के आरोप द्वेषपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण नीयत से लगाए गए हैं। कांग्रेस ने कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है, सिवाय इसके कि यह चुनाव का समय चल रहा है।

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं इस सरकार की चिंता और निराशा को समझ सकता हूं, खासकर जब चुनाव का समय आसपास होता है ... तथ्यों को अलग ढंग से पेश किया गया है। ये पुराने मामले हैं। प्रक्रिया चल रही है। यह अंतिम आदेश नहीं है, यह कोई न्यायिक निर्णय नहीं है।’’

ईडी ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री हुड्डा ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए गलत तरीके से भूखंड का आवंटन एजेएल को किया। यह आवंटन 1982 की दर (91 रुपये प्रति वर्ग मीटर) पर ब्याज के साथ किया गया। हालांकि, इस भूखंड को एजेएल को आवंटित करने के बाद आवंटन को निरस्त कर दिया गया था। भूखंड आवंटन निरस्त होने का काम पूरा हो चुका था ऐसे में कानूनन इसे पुन: आवंटित नहीं किया जा सकता था।

यह भी पढ़ें- शेयर बाजारों में लगातार छठे दिन तेजी, सेंसेक्स 47 अंक मजबूत

ईडी ने कहा कि 2005 में भूखंड का पुन: आबंटन होने से एजेएल को अनुचित लाभ हुआ। एजेंसी के अनुसार जांच में पाया गया कि मेसर्स एजेएल को उक्त भूखंड पर निर्माण कार्य के लिये तीन बार अनुचित विस्तार दिया गया। बाद में इस जमीन को गिरवी रखकर बैंक से समय-समय पर कर्ज भी लिये गये। सीबीआई ने एक दिसंबर को पंचकुला अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। इसमें गलत तरीके से जमीन एजेएल को आबंटित करने को लेकर हुड्डा समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोती लाल वोरा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किये।

ईडी ने कांग्रेस के दो नेताओं से मामले में पूछताछ भी की है। सीबीआई ने आरोप लगाया कि पंचुकला के सेक्टर-6 स्थित आबंटित भूखंड संख्या सी-17 के पुन:आबंटन से सरकारी खजाने को 67 लाख रुपये का नुकसान हुआ। यह मामला एजेएल को पंचकुला में 1982 में आबंटित भूखंड से जुड़ा है। यह जमीन हिंदी समाचारपत्र नवजीवन के प्रकाशन के लिये आवंटित की गई थी जिस पर 1992 तक कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ।

उसके बाद हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने भूखंड को अपने कब्जे में ले लिया। ईडी ने सीबीआई एफआईआर के आधार पर पीएमएलए के तहत मामला 2016 में दर्ज किया था। हरियाणा की भाजपा सरकार के आग्रह पर सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की। मामले में हरियाणा सतर्कता ब्यूरो ने आपराधिक एफआईआर दर्ज की।

प्रमुख खबरें

IPO Market में जबरदस्त हलचल: अगले हफ्ते 5 कंपनियां जुटाएंगी ₹7,443 करोड़, Investors के लिए बड़ा मौका

Maruti Suzuki का ₹35,000 करोड़ का Investment Plan: 5 साल में 63 लाख कारों की बिक्री का है महा-लक्ष्य

Galle Test से पहले Team India में बड़ा फेरबदल, Sai Sudharsan की जगह Sarfaraz Khan को मिली जिम्मेदारी

Shubman Gill फिट, Yashasvi Jaiswal का जलवा, Sri Lanka के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया का दमदार प्रदर्शन