ED का शिकंजा! Shikohpur जमीन घोटाले में Robert Vadra को कोर्ट का समन, 16 मई को पेश होने का आदेश

By अंकित सिंह | Apr 15, 2026

बुधवार को दिल्ली की एक अदालत ने हरियाणा के शिकोहपुर में विवादित जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर आरोपपत्र का संज्ञान लिया। विशेष न्यायाधीश सुशांत चांगोत्रा ​​ने वाड्रा और अन्य आरोपियों को 16 मई को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। विस्तृत आदेश का इंतजार है। प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल जुलाई में आरोपपत्र दाखिल किया था, जो किसी भी जांच एजेंसी द्वारा 57 वर्षीय वाड्रा के खिलाफ आपराधिक मामले में आरोपपत्र दाखिल करने का पहला मामला था। केंद्रीय एजेंसी ने अपनी जांच के तहत अप्रैल 2025 में वाड्रा से तीन दिनों तक पूछताछ की थी।

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चार साल बाद, सितंबर 2012 में कंपनी ने वह जमीन रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनी डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दी। अक्टूबर 2012 में यह सौदा विवादों में घिर गया, जब उस समय भूमि समेकन और भूमि अभिलेख के महानिदेशक-सह-पंजीकरण महानिरीक्षक के पद पर तैनात आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने लेनदेन को राज्य समेकन अधिनियम और कुछ संबंधित प्रक्रियाओं का उल्लंघन करार देते हुए ‘म्यूटेशन’ रद्द कर दी। वाद्रा ने किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार किया और इस मामले को अपने और अपने परिवार के खिलाफ ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध’’ बताया। ईडी वाद्रा से जुड़े दो अन्य मामलों की भी जांच कर रही है, जिनमें ब्रिटेन में रह रहे हथियार सलाहकार संजय भंडारी के खिलाफ एक मामला और राजस्थान के बीकानेर में जमीन का सौदा शामिल है।

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