एडिटर्स गिल्ड ने प्रेस एवं नियत कालिक पत्रिका रजिस्ट्रीकरण विधेयक को लेकर चिंता जतायी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 06, 2023

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने प्रेस एवं नियत कालिक पत्रिका रजिस्ट्रीकरण विधेयक में कुछ कठोर शक्तियों के बारे में रविवार को गहरी चिंता व्यक्त की, जो सरकार को समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं के कामकाज में अधिक दखल देने की शक्तियां प्रदान करती है। गिल्ड ने यहां एक बयान में मांग की कि प्रेस एवं नियत कालिक पत्रिका रजिस्ट्रीकरण विधेयक को संसदीय प्रवर समिति को भेजा जाना चाहिए। यह विधेयक प्रेस एवं पुस्तक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1867 की जगह लेगा। गिल्ड द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि वह प्रेस रजिस्ट्रार की शक्तियों के विस्तार, नागरिकों के पत्रिकाएं निकालने पर नयी पाबंदियां, समाचार प्रकाशनों के परिसर में प्रवेश करने की शक्ति के जारी रहने, कई प्रावधानों में अस्पष्टता और नियम बनाने की शक्ति के संबंध में अस्पष्टता को लेकर चिंतित है, जिसका प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव हो सकता है।

गिल्ड ने आग्रह किया कि इस अधिनियम के उद्देश्य के लिए केवल प्रेस रजिस्ट्रार प्रासंगिक प्राधिकारी होना चाहिए और किसी अन्य सरकारी एजेंसी को पत्रिकाओं के पंजीकरण के संबंध में कोई अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। गिल्ड ने कहा, ‘‘इस मुद्दे पर कानून को प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति अधिक सम्मानजनक होना चाहिए और नियामक अधिकारियों को अपनी इच्छानुसार प्रेस में हस्तक्षेप करने या उसे बंद करने की व्यापक शक्तियां देने से बचना चाहिए।’’ उसने कहा कि रजिस्ट्रार और पीआरपी का प्राथमिक जोर पंजीकरण है, विनियमन नहीं। पीआरपी विधेयक एक अगस्त को राज्यसभा में पेश किया गया था और दो दिन बाद पारित कर दिया गया था।

प्रमुख खबरें

Special Date पर पाएं बेहद Glamorous लुक, ट्राय करें ये लेटेस्ट Heart Print Dress डिजाइंस

“जेवर से विश्व बाजार तक उत्तर प्रदेश की नई उड़ान, कार्गो सेवाओं का शुभारंभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि”

सनातन व नारी सम्मान पर बड़ी लकीर खींचते योगी आदित्यनाथ

Congress का Amit Shah पर बड़ा हमला: लोकतंत्र बर्बाद कर रहे, MPs तोड़ने में जुटे