Famous Temple: भारत के आठ प्रसिद्ध Durga Mandir जहां Vaishno Devi और Kamakhya की पौराणिक मान्यता है

By अनन्या मिश्रा | Oct 15, 2026

हिंदू पौराणिक कथाओं के मुताबिक देवी दुर्गा को शक्ति के रूप में पूजा जाता है। वह नारी शक्ति और सामर्थ्य का भी प्रतीक हैं। भारत में विभिन्न रूपों और अवतारों में देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है। वहीं भारत के हर क्षेत्र में शक्ति और मां दुर्गा की उपस्थिति की अपनी अनूठी कहानी है। चाहे जम्मू के बर्फ से ढके पहाड़ों से लेकर असम के हरे-भरे परिदृश्यों और नदी किनारे स्थित देवी दुर्गा के मंदिरों की अपनी कहानी है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको भारत के 8 सबसे प्रतिष्ठित देवी दुर्गा मंदिर और उनके पीछे की कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं।

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दुर्गा मंदिर, वाराणसी

वाराणसी का दुर्गा मंदिर 18वीं शताब्दी में बना था। इसको रानी भवानी द्वारा बनवाया गया था। इस मंदिर में अद्वितीय लाल संरचना में गंगा से जुड़े एक पवित्र कुंड से सामने स्वयंभू दुर्गा की प्रतिमा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दुर्गा मंदिर का निर्माण देवी दुर्गा के सम्मान में कराया गया था, जोकि शेर पर सवार होकर आई थीं और वाराणसी और काशी के राजा की पुत्री और उनके पति की रक्षा करने के लिए प्रतिद्वंदी राजाओं से युद्ध किया था।

कामाख्या मंदिर, असम

गुवाहाटी के नीलाचल पहाड़ी पर शक्तिपीठ के रूप में कामाख्या मंदिर स्थित है। यहां पर देवी सती की योनि गिरी थी। यहां पर कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि एक पत्थर को देवी की योनी/तंत्र देवी के रूप में पूजा जाता है। यह स्थान देवी दुर्गा और उनकी सृजन शक्ति को समर्पित है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब भोलेनाथ सती के शव को लेकर जा रहे थे। तो श्रीहरि के चक्र ने देवी सती के शरीर के टुकड़े कर दिए थे। ऐसे में उनकी योनि इस क्षेत्र में गिरी और तब से यहां मां कामाख्या की पूजा की जाती है। मासिक धर्म के दौरान मंदिर बंद रहता है।

कालकाजी मंदिर, दिल्ली

भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में शामिल कालकाजी मंदिर 3000 साल से ज्यादा पुराना है। यह दिल्ली के नेहरू प्लेस के पास अरावली की पहाड़ियों पर स्थित है। यह मंदिर पांडवों और श्रीकृष्ण की उपस्थिति से जुड़ा है। पौराणिक कथा के मुताबिक देवी पार्वती ने दो राक्षसों को पराजित करने के लिए अपनी कोख से देवी कौशिकी को जन्म दिया था। तब से इस स्थान पर देवी की पूजा की जाती है।

कात्यायनी मंदिर, वृंदावन

यह मंदिर वृंदावन के सबसे लोकप्रिय और प्राचीन मंदिरों में से एक है। हर साल लाखों की संख्या में भक्त देवी कात्यायनी के दर्शन के लिए इस मंदिर में आते हैं। पौराणिक कथा के मुताबिक यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के युग का है। माना जाता है कि गोपियों ने भगवान श्रीकृष्ण को पति के रूप में पाने के लिए देवी कात्यायनी की पूजा की थी।

चामुंडा देवी, हिमाचल प्रदेश

चामुंडा देवी हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के पास स्थित है। हर साल हजारों-लाखों की संख्या में भक्त मंदिर पहुंचते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, दुर्गा के माथे से यह अवतार उत्पन्न हुआ था। उन्होंने चंड और मुंड नामक राक्षसों का वध किया था। इन राक्षसों ने देवी दुर्गा के ध्यान में खलल डालने की कोशिश की और संसार में अत्याचार किया था। मंदिर में देवी दुर्गा को योद्धा के रूप को बाध की खाल और खोपड़ी की माला से सुशोभित किया गया है।

चामुंडेश्वरी मंदिर, कर्नाटक

मैसूर के पास स्थित चामुंडी पहाड़ियों पर यह मंदिर स्थित है। यह मंदिर करीब 600 साल पुराना है और देवी दुर्गा के चामुंडा रूप को समर्पित है। देवी चामुंडा ने महिषासुर का वध किया था और राजा चामराजा वाडियार यहां पर बिजली गिरने से बच गए थे।

कनक दुर्गा मंदिर, आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के पास विजयवाड़ा में इंद्रकीलाद्री पहाड़ी पर यह मंदिर है। इस मंदिर में स्वर्ण देवी दुर्गा को महिषासुर का वध करते दर्शाया गया है। करीब 10वीं शताब्दी में चालुक्य राजाओं ने मंत्र शास्त्र की मूर्तियों से साथ इसका निर्माण कराया था। नवरात्रि के मौके पर यहां भक्तों की भारी भीड़ होती है।

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