Chai Par Sameeksha: किसके पक्ष में जाता दिख रहा चुनाव, इन चार राज्यों पर सबकी नजर

By अंकित सिंह | May 27, 2024

प्रभासाक्षी के खास कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में हमने चुनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। हमेशा की तरह इस कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे जी। हमने जानना चाहा कि फिलहाल देश में चुनावी माहौल क्या है, रुझान किस तरफ दिखाई दे रहे हैं? साथ ही साथ हमने नीरज दुबे से यह भी पूछा की जमीन पर कौन से मुद्दे हावी दिखाई दे रहे हैं? नीरज दुबे ने कहा कि उत्तर भारत और पूर्वी क्षेत्र में हमने जहां का भी दौरा किया वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कोई नाराजगी दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि यूपी, बिहार को लेकर उन्होंने यह बातें जरूर कही कि कई सीटों पर जातीय समीकरण भी हावी होता दिखाई दे रहा है। प्रभासाक्षी के संपादक ने कहा कि कई सीट ऐसे हैं जहां उम्मीदवारों को लेकर नाराजगी है। लेकिन मोदी, योगी या नीतीश कुमार को लेकर कोई नाराजगी दिखाई नहीं दे रही है। 

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हमने पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र को लेकर भी सवाल पूछा कि क्या इन राज्यों से चौंकाने वाले नतीजे सामने आएंगे? इसको लेकर नीरज कुमार दुबे ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि इन चार राज्यों में कोई चौंकाने वाले फैसले आएंगे। हां, पश्चिम बंगाल में भाजपा के पक्ष में इस बार 2019 की तुलना में माहौल ज्यादा लगा। 2019 की तुलना में भाजपा यहां ज्यादा सीटें भी जीत सकती है। महाराष्ट्र में को लेकर नीरज दुबे ने कहा कि वहां भी कोई चौंकाने वाले नतीजे नहीं आएंगे। एनडीए वहां भी मजबूत नजर आ रहा है। मोदी का चेहरा वहां विपक्ष पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। नीरज दुबे ने कहा कि जातीय समीकरण और उम्मीदवारों से नाराजगी की वजह से उत्तर प्रदेश में कई सीटों पर भाजपा को कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि ऐसा नहीं है कि मोदी के खिलाफ वहां कोई नाराजगी दिखाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने बिहार को लेकर कहा कि यहां महिलाएं पूरी तरीके से एनडीए के साथ खड़ी दिखाई दे रही हैं। तेजस्वी यादव की रैलियां में भीड़ जरूर हो रहा है लेकिन क्या वह वोट में तब्दील होगा, यह समय बताएगा। 

हमने नीरज दुबे से पूछा कि महिला मतदाताओं की संख्या इस बार जबरदस्त तरीके से बढ़ी है, कांग्रेस की ओर से 100000 देने और 10 किलो अनाज देने का ऐलान किया गया है ताकि महिलाओं को अपने पक्ष में किया जा सके, इसका जमीन पर क्या असर है? नीरज दुबे ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि महिलाओं ने इस बार जबरदस्त तरीके से वोटिंग किया है। उन्होंने लोकतंत्र के इस माह पर जबरदस्त हिस्सा भी लिया है। लेकिन महिलाओं के मन में कोई संकोच दिखाई नहीं दे रहा है। वह पूरी तरीके से मोदी के पक्ष में दिखाई दे रही हैं। महिलाओं को कांग्रेस के पिछले वादे भी याद है। महिलाओं ने कहा कि 2019 में भी उन्होंने 7200 देने का वादा किया था, लेकिन तब भी हमने उनको वोट नहीं दिया था। तो इस बार हम और नहीं देंगे। इस बार तो हमें अनाज भी मिल रहा है। 

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