By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 29, 2023
उत्तराखंड के चमोली जिले में नमामि गंगे परियोजना के तहत संचालित जल-मल शोधन संयंत्र (एसटीपी) में हाल में करंट लगने से 16 लोगों की मौत की घटना अर्थिंग में खामी की वजह से हुई। यह निष्कर्ष मजिस्ट्रेट ने अपनी जांच में निकाला है। जांच रिपोर्ट में एसटीपी के रखरखाव के लिए जिम्मेदार दो कंपनियों को सुरक्षा मापदंडों की अनदेखी करने की वजह से काली सूची में डालने की भी सिफारिश की गई है। चमोली के अपर जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक त्रिपाठी द्वारा पूरे प्रकरण की जांच की गई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी एसटीपी का बिजली सुरक्षा ऑडिट कराने की सिफारिश की। रिपोर्ट शनिवार को राज्य सरकार को सौंपी गई और मीडिया के लिए जारी की गई। इसमें घटना के लिए एसटीपी में विद्युतीकरण की जिम्मेदारी संभाल रहीं संयुक्त उपक्रम की कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया गया है जिन्होंने ठेके और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की।
इसमें राज्य के सभी एसटीपी की बिजली सुरक्षा की जांच करने की भी सिफारिश की गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। चमोली के अलकनंदा नदी किनारे स्थित एसटीपी की सीढ़ियों और रेलिंग में 18-19 जुलाई की रात करंट आ गया था जिसकी चपेट में आकर 16 लोगों की जान चली गई थी और 11 अन्य झुलस गए थे। उत्तराखंड पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने कहा कि एसटीपी में कुछ मरम्मत कार्य करने के लिए 20 मिनट तक बिजली आपूर्ति बंद की गई थी और जब इसे बहाल किया गया तो हादसा हो गया। इस मामले में संयुक्त उपक्रम कंपनी के सुपरवाइजर सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था।