By अनन्या मिश्रा | Aug 01, 2026
घर की साफ-सफाई के दौरान सफेद सिरका ऑल इन वन क्लीनर के रूप में काम करता है। सफेद सिरका में मौजूद नेचुरल एसिड और एंटी बैक्टीरियल गुण इसको कीटाणुनाशक और बदबू को दूर करने का बेहतरीन तरीका होता है। आजकल बाथरूम की नाली में सिरका छिड़कने की ट्रिक काफी चर्चा में है। जिसके बारे में काफी कम लोगों को पता है। बता दें कि अक्सर शॉवर ड्रेन में बालों का जमाव, ग्रीस, साबुन के झाग और नमी के कारण गंदगी जमा हो जाती है।
ड्रेन की जाली पर जमा बड़ा कचरा या बालों को हाथों से हटाएं।
फिर एक कप या स्प्रे बोतल में सिरका लेकर सीधे नाली में डालें।
इसके बाद 20 से 30 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। जिससे कि यह गंदगी पर अपना असर छोड़ सके।
अब नाली में गरम खौलता हुआ पानी डालकर बहाएं। इससे ढीली हुई गंदगी आसानी से बह जाएगी।
इस नुस्खे का लाभ उठाने के लिए आपका सप्ताह में एक बार इस क्लीनिंग रूटीन को शामिल करें। नाले को साफ और स्मेल मुक्त रखने के लिए सप्ताह में एक बार या फिर 15 दिन में एक बार इस तरीके को अपना सकती हैं। वहीं अगर नाली में गंदगी ज्यादा है, तो सिरका डालने से पहले नाली में 2 से 3 चम्मच बेकिंग सोडा डालें। बेकिंग सोडा और सिरके का रिएक्शन जिद्दी से जिद्दी कचरे को आसानी से साफ कर देता है।
रोजाना नहाने के समय बॉडी वॉश, साबुन का झाग और पानी में मौजूद मिनरल्स अक्सर नाले के दीवारों पर चिपक जाते हैं और एक सख्त परत बना देते हैं। लेकिन सफेद सिरके में एसिडिक गुण मौजूद होते हैं। यह जिद्दी परत और ग्रीस को धीरे-धीरे घोलकर ढीला कर देते हैं। इससे नाली के अंदर का रास्ता साफ हो जाता है।
हर वक्त बाथरूम ड्रेन में नमी और ऑर्गेनिक कचरा जमा रहता है। यह बैक्टीरिया पनपने और दुर्गंध की मुख्य वजह होता है। विनेगर नेचुरल रूप से नाले से आने वाली गंध को बेअसर करता है। जब आप इसमें विनेगर को स्प्रे करते हैं। तो बदबू पैदा करने वाले बैक्टीरिया खत्म होते हैं और बाथरूम की हवा फ्रेश होती है।
अचानक से शॉवर ड्रेन में बड़ा ब्लॉक बड़ी सिरदर्दी की वजह बन सकती है। ऐसे में नियमित रूप से आप विनेगर का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह छोटी-मोटी गंदगी और कचरे को नहीं जमने देता है। विनेगर एक प्रिवेंटिव मेंटेनेंस है। जिससे नाली में बिना रुकावट पानी का बहाव होता रहता है और ड्रेन जाम की समस्या नहीं होती है।
बाथरूम की नाली को साफ करने के लिए मार्केट में मिलने वाले केमिकल हार्श एसिड और टॉक्सिक पदार्थों से बने होते हैं। यह आपकी सांस और सेहत दोनों के लिए नुकसानदाय है। वहीं यह प्लंबिंग पाइपों को भी अंदर से नुकसान पहुंचा सकते हैं। लेकिन सिरका एक नेचुरल, इको-फ्रेंडली और सेफ ऑप्शन है। यह पाइपों को नुकसान पहुंचाए बिना सफाई करता है।