By Ankit Jaiswal | Oct 05, 2026
टेस्ला की रोबो टैक्सी सेवा को रात में चलाने में एक छोटी लेकिन अहम परेशानी सामने आ रही है। कंपनी के प्रमुख एलन मस्क ने माना है कि अंधेरे में सड़क पर छोटे जानवरों को पहचानना वाहनों के लिए मुश्किल हो रहा है। उन्होंने खास तौर पर कम रोशनी में सड़क के रंग से मिलते-जुलते जानवरों को पहचानने की समस्या को बताया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर रोबो टैक्सी से जुड़े एक संदेश को साझा करते हुए बताया कि रात में सेवा बढ़ाने के रास्ते में सबसे बड़ी चिंता छोटे पालतू जानवरों को लेकर है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अंधेरे में सड़क के रंग से मिलती-जुलती बिल्ली को पहचानना बेहद मुश्किल हो सकता है। उनका कहना था कि कंपनी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि रात में ऐसे जानवर वाहनों की चपेट में न आएं।
यह समस्या टेस्ला की स्वचालित वाहन तकनीक को लेकर लंबे समय से चल रही बहस को भी सामने लाती है। टेस्ला अपने गाड़ियों में मुख्य रूप से कैमरों से मिलने वाली तस्वीरों के आधार पर रास्ता समझने की तकनीक पर निर्भर करती है। कैमरे के लिए किसी वस्तु को पहचानना तब मुश्किल हो सकता है, जब रोशनी बहुत कम हो और उसका रंग आसपास की सड़क से मिलता हो।
इसके उलट, कई दूसरी रोबो वाहन कंपनियां कैमरे के साथ लेजर आधारित दूरी मापने वाली तकनीक और रेडार का भी इस्तेमाल करती हैं। लेजर आधारित तकनीक अपने संकेत भेजकर आसपास की वस्तुओं की दूरी और उनकी स्थिति का पता लगाती है, जबकि रेडार दूरी और गति समझने में मदद करता है। गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट की वेमो ऐसी कई तकनीकों को एक साथ इस्तेमाल करती है और उसकी चालक रहित टैक्सियां 24 घंटे चलती हैं।
टेस्ला ने इसके बावजूद लंबे समय से केवल कैमरा आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता दी है। मस्क 2019 में लेजर आधारित दूरी मापने वाली तकनीक को बेकार बता चुके हैं। टेस्ला ने 2021 में अपने वाहनों से रेडार हटाना शुरू किया और 2022 में दूरी मापने वाले छोटे सेंसर भी हटा दिए थे।
इस बीच अमेरिका का राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात सुरक्षा प्रशासन टेस्ला के स्वचालित ड्राइविंग से जुड़े मामलों की जांच कर रहा है। जांच में कम रोशनी वाली परिस्थितियों में दुर्घटनाओं से जुड़े करीब 3.2 मिलियन टेस्ला वाहनों को शामिल किया गया है। जांच के दौरान कंपनी से आंतरिक दस्तावेज भी मांगे गए हैं, जिनमें एक दस्तावेज का नाम रेडार से सुरक्षा मिलने की ओर इशारा करता है। इससे टेस्ला की कैमरा आधारित रणनीति पर बहस और तेज हुई है और यही वजह है कि रात में छोटी बिल्ली जैसी चीजों को पहचानने की चुनौती अब कंपनी के लिए बड़ी तकनीकी परीक्षा बनी हुई है।