By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 25, 2026
स्पेसएक्स के विशाल स्टारशिप रॉकेट ने शुक्रवार को एक और परीक्षण उड़ान भरी और इस दौरान स्टारलिंक के सबसे उन्नत 20 उपग्रहों को अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। स्टारशिप ने कंपनी के टेक्सास स्थित दक्षिणी प्रक्षेपण केंद्र से उड़ान भरी। यह रॉकेट 407 फुट (124 मीटर) ऊंचा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने इस उड़ान पर करीबी नजर रखी क्योंकि भविष्य में चंद्रमा पर चालक दल को उतारने के लिए स्टारशिप का इस्तेमाल ‘लूनर लैंडर’ के रूप में किया जा सकता है। करीब एक घंटे की इस उड़ान के बाद यह हिंद महासागर में बिना किसी बाधा के पानी में उतरा और इसने अपनी यात्रा समाप्त की। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने पहले चरण के 33 इंजनों में से छह इंजन बदले हैं। पिछले सप्ताह ये इंजन काम नहीं कर पाए थे, जिसके कारण प्रक्षेपण को अंतिम क्षणों में रद्द करना पड़ा था। इससे पहले मई में हुई स्टारशिप की पिछली परीक्षण उड़ान के दौरान भी इंजनों में तकनीकी खराबी आई थी, जिसके कारण बूस्टर को नियंत्रित तरीके से वापस नहीं लाया जा सका था।
स्टारशिप के पेज सरीखे डिस्पेंसर से बाहर निकलने के बाद नए स्टारलिंक उपग्रहों ने पहले से कक्षा में मौजूद पुराने स्टारलिंक उपग्रहों के साथ लेजर के माध्यम से संचार स्थापित किया। वर्तमान में 10,000 से अधिक स्टारलिंक उपग्रह इंटरनेट सेवा प्रदान कर रहे हैं, जिससे स्पेसएक्स के पास दुनिया का सबसे बड़ा उपग्रह समूह है। नए प्रक्षेपित स्टारलिंक उपग्रहों में से छह पर कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों ने उड़ान के अंत में स्टारशिप की ‘हीट शील्ड’ की तस्वीरें लीं और अंतरिक्षयान के समुद्र में लहरों के बीच तैरते रहने के बावजूद बेहद स्पष्ट तस्वीरें सफलतापूर्वक भेजीं। ‘हीट शील्ड’ पर ऐसे सेंसर भी लगाए गए थे जो प्रक्षेपण के दौरान उस पर पड़ने वाले अत्यधिक दबाव को मापते हैं। नासा के प्रशासक जेरेड आइज़ैकमैन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा,‘‘ इस मिशन से मिलने वाली सीख को लेकर बेहद उत्साहित हूं।