By अभिनय आकाश | Sep 23, 2026
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पीटीआई के 27 सितंबर के मार्च से पहले, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को कम से कम 20,000 शिपिंग कंटेनरों से घेर दिया गया है। इन कंटेनरों को आपस में वेल्ड करके जोड़ा गया है और उन पर बाहर की तरफ नुकीले मेटल स्पाइक्स लगाए गए हैं। खबरों के मुताबिक, प्रशासन घबराया हुआ है; अस्पतालों में जगह बनाई जा रही है और अतिरिक्त ब्लड बैग तैयार रखे जा रहे हैं। इस मार्च को जमात-ए-इस्लामी और किसान संगठनों का समर्थन मिल रहा है। राजधानी इस्लामाबाद के अस्पतालों को संभावित मानवीय संकट और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की घटना" से निपटने की तैयारी करने का निर्देश दिया गया है। गैर-ज़रूरी सर्जरी टाली जा रही हैं और स्थिर हालत वाले मरीज़ों को छुट्टी दी जा रही है ताकि घायलों के आने पर जगह बनाई जा सके। पाकिस्तानी अख़बार डॉन के अनुसार, इस्लामाबाद के अस्पतालों से कहा गया है कि वे कम से कम 100 यूनिट ब्लड का रिज़र्व बनाए रखें और सभी एम्बुलेंस व उनके ड्राइवरों को आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रखें।
इसलिए, इस्लामाबाद आने वाले दिनों में कई विरोध मार्चों के लिए तैयारी कर रहा है। तैयारियों के पैमाने पर टिप्पणी करते हुए, पाकिस्तानी दैनिक 'डॉन' ने 22 सितंबर के एक संपादकीय में कहा कि जिस तेज़ी से कंटेनर लगाए जा रहे हैं, खाइयाँ खोदी जा रही हैं और अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए जा रहे हैं, उसे देखकर ऐसा लगता है कि सरकार किसी राजनीतिक कार्यक्रम के लिए नहीं, बल्कि किसी हमले के लिए तैयारी कर रही है। आगे बढ़ते पीटीआई समर्थकों को रोकने के लिए, आसिम मुनीर की अगुवाई वाले प्रशासन ने कंटेनरों की लंबी कतारें लगा दी हैं। इन कंटेनरों का इस्तेमाल पहले भी इस्लामाबाद में PTI के मार्च को रोकने के लिए किया जा चुका है। लेकिन, पिछले मार्च में प्रदर्शनकारियों ने इन बैरिकेड्स को या तो पार कर लिया, या उन्हें धक्का देकर गिरा दिया और हटा दिया। इस बार, प्रशासन कंटेनरों को आपस में वेल्ड कर रहा है और उनमें रेत और बजरी भर रहा है ताकि उन्हें हटाना बहुत मुश्किल हो जाए। यह सब उस विरोध-प्रदर्शन के लिए की जा रही बड़ी तैयारियाँ हैं, जिसे प्रशासन के चहेते गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने पीटीआई का ड्रामा करार दिया है।
पीटीआई ने इमरान खान को जेल से रिहा कराने की मांग को लेकर 27 सितंबर को मार्च करने का ऐलान किया है। खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और अभी 'अल-कादिर ट्रस्ट ज़मीन भ्रष्टाचार मामले' में 14 साल की सज़ा काट रहे हैं। यह उन 100 से ज़्यादा मामलों में से एक है जो 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद उन पर दर्ज किए गए थे। खान की रिहाई के अलावा, पीटीआई ने पाकिस्तान में संवैधानिक अधिकारों और कानून के शासन को लेकर चिंता जताई है। वहां आसिम मुनीर ने बेमिसाल ताकतें हासिल कर ली हैं, जिनमें तीनों सेनाओं की कमान और जीवन भर के लिए कानूनी सुरक्षा शामिल है, जिससे वे असल में पाकिस्तान के शासक बन गए हैं। नागरिक सरकार ने कहा है कि वह प्रदर्शनकारियों को राजधानी में सड़कें रोकने या आम जनजीवन में बाधा डालने की इजाज़त नहीं देगी। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने भी यह फैसला सुनाया है कि राजनीतिक पार्टियों को सड़कों, हाईवे या दूसरी सार्वजनिक जगहों पर कब्ज़ा करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। हालांकि, पीटीआई ने ज़ोर देकर कहा है कि मार्च जारी रहेगा और "उसके लाखों कार्यकर्ता तैयार हैं", जबकि सत्ता-तंत्र इसके असर से निपटने की तैयारी कर रहा है।