साका की हैट्रिक से इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर विश्व कप में तीसरा स्थान हासिल किया

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 19, 2026

मियानी गार्डन्स में शनिवार को खेले गए तीसरे स्थान के रोमांचक प्ले-ऑफ मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस पर 6-4 से शानदार जीत दर्ज की। इंग्लैंड की इस जीत के हीरो बुकायो साका रहे, जिन्होंने मैच में तीन गोल दागकर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित की। वहीं, फ्रांस की टीम हार के बावजूद चर्चा में रही क्योंकि उनके स्टार खिलाड़ी किलियन एमबाप्पे ने दूसरे हाफ में दो गोल कर विश्व कप इतिहास में लियोनल मेस्सी के सर्वाधिक गोल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया और गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे निकल गए।

मैच के दूसरे हाफ में भी रोमांच कम नहीं हुआ। साका ने 87वें मिनट में पेनल्टी के जरिए अपना तीसरा गोल किया और अपने करियर की दूसरी हैट्रिक पूरी की। इंग्लैंड के लिए छठा गोल जूड बेलिंघम ने इंजरी टाइम के आठवें मिनट में किया, जो इस टूर्नामेंट में उनका सातवां गोल था। फ्रांस की ओर से एमबाप्पे के अलावा ब्रैडली बारकोला और ओस्माने डेम्बेले ने भी गोल किए, लेकिन वे टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थे।

इस मैच के बाद एमबाप्पे के विश्व कप में कुल गोलों की संख्या 22 हो गई है, जो अर्जेंटीना के कप्तान मेस्सी से एक अधिक है। एमबाप्पे ने इस विश्व कप अभियान का अंत 10 गोलों के साथ किया है और वह गोल्डन बूट की रेस में मेस्सी से दो गोल आगे हैं। हालांकि, मेस्सी के पास रविवार को स्पेन के खिलाफ होने वाले फाइनल मैच में एमबाप्पे से आगे निकलने का एक आखिरी मौका होगा।

हार्ड रॉक स्टेडियम में इस मुकाबले को देखने के लिए 64,478 दर्शक पहुंचे थे। यह मैच फ्रांस के कोच डिडिएर डेसचैम्प्स के लिए भी यादगार रहा, क्योंकि 14 साल तक टीम का मार्गदर्शन करने के बाद यह उनका आखिरी मैच था। पिच से बाहर निकलते समय उन्होंने खिलाड़ियों को गले लगाया और दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। सेमीफाइनल में हारने के बाद दोनों ही टीमें इस मैच में अपनी प्रतिष्ठा के लिए खेल रही थीं, जिसमें इंग्लैंड अपना दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहा।

प्रमुख खबरें

Nepal में बाढ़ का नया खतरा! दार्चुला में भारी भूस्खलन से चौलानी नदी का बहाव बाधित, निचले इलाकों में अलर्ट जारी

Sarvepalli Radhakrishnan Birth Anniversary: Oxford Professor से Bharat Ratna तक, ऐसा था Dr Radhakrishnan का प्रेरणादायी सफर

Mother Teresa Death Anniversary: मदर टेरेसा का कोलकाता की झुग्गियों से लेकर Nobel Prize तक का ऐतिहासिक सफर

Asian Games में तीन स्पर्धाओं में उतरेंगी Parul Chaudhary, कहा- कड़ा अभ्यास देगा सफलता