By अभिनय आकाश | Sep 18, 2026
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में शुक्रवार को बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने के कुछ ही घंटों के भीतर राज्य पुलिस ने उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया। इस अप्रत्याशित कार्रवाई से नंदीग्राम का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। इस घटनाक्रम की शुरुआत उस वक्त हुई जब ममता बनर्जी के खेमे की प्रत्याशी संचिता प्रधानी डे ने नबन्ना में राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और फिर अचानक उपचुनाव से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा कर दी। मैदान खाली होते ही ममता बनर्जी ने बीजेपी को घेरने के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का दांव चला। हालांकि, ममता के इस ऐलान के तुरंत बाद पुलिसिया कार्रवाई ने पूरे समीकरण को उलझा दिया। अब इस गिरफ्तारी को लेकर राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है।
विपक्षी नेताओं ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) की आलोचना की। आयोग ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके द्वारा बनाई गई पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने से रोक दिया था। इसके बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तुरंत ममता बनर्जी से संपर्क किया और उनके प्रति एकजुटता जताई। बाद में बनर्जी ने कहा कि कांग्रेस और उनकी पार्टी केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ मिलकर काम करने को तैयार हैं। गांधी के साथ हुई बातचीत के बारे में बनर्जी ने कहा, "हम इसमें साथ हैं। हम चाहते हैं कि बीजेपी को हटाया जाए।