भारत की बढ़ती ताकत का असर, Estonia ने PM Modi को बुलाया, कहा- आपका हार्दिक स्वागत है

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 20, 2026

एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहकना ने भारत और एस्टोनिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के लिए भारत से और अधिक उच्च स्तरीय यात्राओं का आह्वान किया और कहा है कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस उत्तरी यूरोपीय देश का दौरा करते हैं तो एस्टोनिया को ‘‘बहुत खुशी’ होगी। त्साहकना ने यहां ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि एस्टोनिया 2027 में यूक्रेन पुनर्निर्माण सम्मेलन का आयोजन कर रहा है और उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत भी युद्धग्रस्त देश यूक्रेन की पुनर्निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बनेगा।

ये ऐसा है जिसमें हमारी कंपनियां बहुत रुचि रखती हैं।’’ ई-रेज़िडेंसी कार्यक्रम विदेशी नागरिकों को सरकार की तरफ से जारी एक सुरक्षित डिजिटल पहचान देता है। इसके माध्यम से उद्यमी पूरी तरह ऑनलाइन तरीके से ईयू आधारित कोई कंपनी स्थापित कर सकते हैं और उसका प्रबंधन कर सकते हैं, ताकि दुनिया में कहीं से भी दस्तावेज दस्तखतकरने, बैंकिंग और टैक्स फाइलिंग जैसी प्रक्रियाएं आसान हो जाती हैं। मंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम वैश्विक प्रवृत्ति देख रहे हैं, भारत इस क्षेत्र में अधिक से अधिक अग्रणी भूमिका निभा रहा है। एस्टोनिया, भारतीय कंपनियों के लिए ईयू बाजारों का प्रवेश द्वार है। इसलिए दोनों तरफ से दिलचस्पी है।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या संबंधों को मजबूत करने के लिए और अधिक उच्च स्तरीय दौरों की आवश्यकता है और क्या प्रधानमंत्री मोदी भविष्य में एस्टोनिया का दौरा कर सकते हैं, तो त्साहकना ने कहा कि उनका देश ऐसे दौरे का गर्मजोशी से स्वागत करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर प्रधानमंत्री मोदी एस्टोनिया आते हैं तो हमारे देश को बहुत खुशी होगी। हम उनका हार्दिक स्वागत करेंगे और विदेश मंत्री (एस. जयशंकर) का भी स्वागत है। एस्टोनिया में जितने अधिक उच्च स्तरीय दौरे होंगे, उतना ही अच्छा होगा।’’ अब तक भारत से किसी भी प्रधानमंत्री ने एस्टोनिया का दौरा नहीं किया है। त्साहकना ने कहा कि एस्टोनिया भारत के राजनीतिक क्षेत्र के लोगों के साथ कारोबारी शिष्टमंडलों के स्वागत को लेकर उत्सुक है। उन्होंने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि वे कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ आएंगे क्योंकि हम उनके लिए कई द्वार खोल सकते हैं और गारंटी दे सकते हैं कि उनका स्वागत होगा... मुझे भारत से अधिक से अधिक उच्चस्तरीय बैठकों की उम्मीद है।’’ साल 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का आपसी व्यापार 13.93 करोड़ यूरो था, जबकि पिछले साल सेवा क्षेत्र में व्यापार 6.64 करोड़ यूरो था।

गत वर्ष 31 दिसंबर तक एस्टोनिया में भारतीय विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) 1.36 करोड़ यूरो था, जबकि अप्रैल 2000 और मार्च 2025 के बीच भारत में एस्टोनिया का एफडीआई कुल 41.5 लाख डॉलर था। क्या भारत रूस-यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थता करके क्षेत्र में शांति लाने में अहम भूमिका निभा सकता है, इस पर त्साहकना ने कहा कि रूस ने चार साल से अधिक समय से यूक्रेन के खिलाफ आक्रामक जंग छेड़ रखी है और भारत के पास संघर्ष को समाप्त करने के लिए रूस पर दबाव बनाकर लाभ हासिल करने का अवसर है। उन्होंने बताया कि एस्टोनिया 2027 में यूक्रेन पुनर्निर्माण सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें विश्व के नेता, दानदाता और निजी कंपनियां शिकरकत करेंगी।

उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के मार्शल प्लान के बाद यूक्रेन का पुनर्निर्माण यूरोप की सबसे बड़ी परियोजना होगी और मुझे उम्मीद है कि भारत भी इसमें शामिल होगा। त्साहकना की ये टिप्पणियां राष्ट्रपति कारिस की भारत यात्रा के कुछ सप्ताह बाद आई हैं। कारिस 16 से 20 फरवरी तक एआई इम्पैक्ट सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत गए थे। इस यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी से हुई थी। मोदी ने 11 फरवरी, 2025 को पेरिस में आयोजित एआई एक्शन सम्मेलन के दौरान भी कारिस से मुलाकात की थी।

प्रमुख खबरें

Hand of God Goal से लेकर Messi के लिए Referee के पक्षपात तक, क्यों विवादों में है Argentina?

Jagannath Rath Yatra 2026: सिर्फ मंदिर दर्शन की भूल न करें, इन फेमस जगहों के बिना अधूरी है यात्रा

ये बीमार लोग हैं, मुझे कोई डील नहीं करनी... Donald Trump का बड़ा ऐलान- Ceasefire अब खत्म हो गया है

FIFA World Cup: VAR के अजीबोगरीब फैसले, Argentina vs Egypt मैच में बड़ा विवाद क्यों? ये रही पूरी कहानी