India-Russia के खिलाफ यूरोप ने लिया एक्शन, 3 तेल कंपनियों पर ठोका बैन

By अभिनय आकाश | Oct 25, 2025

यूरोपियन यूनियन ने वैसे तो एक्शन रूस पर लिया है, लेकिन प्रभाव भारत से लेकर चीन तक पर है। क्योंकि यूरोपियन यूनियन ने ऐसे वक्त में भारत की तीन कंपनियों को निशाना बनाया है जब भारत और यूरोप के बीच फ्री ट्रेड बाईलैट्रल पर बातचीत तेजी से चल रही है। अंतिम चरण में बातचीत है। इसी साल एफटीए होने का अनुमान है। इन सब के बीच रूस के खिलाफ ईयू ने जो फैसला लिया है, उसमें तीन भारतीय कंपनियों को भी निशाना बनाया है। ईयू ने रूस और उससे जुड़ी 45 इकाइयों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें 12 चीन, तीन भारत और दो थाईलैंड की हैं। ईयू ने रूसी राजनयिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। प्रतिबंधों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 2 डॉलर प्रति बैरल बढ़कर 64 डॉलर पर पहुंच गए। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर से कहा कि भारत इस साल के अंत तक रूस से तेल खरीद बंद कर देगा। यह एक प्रक्रिया है, जो समय लेगी।

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भारत पर क्या असर

रोसनेफ्ट रूस की सबसे बड़ी एनर्जी कंपनी है, जो पेट्रोलियम, गैस बेचती है। लुकोइल रूस और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल-गैस की खोज, उत्पादन, रिफाइनिंग करती है। भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज का रोसनेफ्ट के साथ 25 साल का समझौता है। वह रोज 5 लाख बैरल कच्चा तेल आयात करती है। आगे क्याः अब रिलायंस ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा है कि वह भारत सरकार की नई गाइडलाइन के हिसाब से अपने तेल आयात को एडजस्ट करेगी

रूस ने कहा- अमेरिका हमारा दुश्मन है

प्रतिबंधों के बाद रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि अमेरिका हमारा दुश्मन है। वो जंग में उतर आया है। उसके 'बातूनी शांति निर्माता' ने रूस के साथ युद्ध का रास्ता पूरी तरह अपना लिया है। रूस जीतेगा, कुछ भी नहीं छोड़ेगा। 

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