40 के बाद Women Health के लिए जरूरी हैं ये 3 Exercises, Core और Pelvic Floor को मिलेगी गजब की मजबूती

By दिव्यांशी भदौरिया | Aug 26, 2026

40 उम्र का पड़ाव ऐसा है कि महिलाओं के शरीर में कई तरह के शारीरिक बदलाव देखने को मिलते हैं। इस एज में हार्मोनल बदलाव का असर मसल्स, हड्डियों और शरीर के टिश्यू पर भी पड़ता है। खासतौर पर कुछ महिलाओं को कमर में अकड़न, कोर मसल्स में कमजोरी या यूरिन लीकेज की परेशानी से जूझना पड़ता है। इसलिए बढ़ती उम्र के साथ इन बदलावों को समझना और शरीर की देखभाल करना बेहद जरुरी है। 

पेल्विक कोर और कोर को मजबूत करने के लिए 3 एक्सरसाइज 

बैंडेड ग्लूट ब्रिज

बैंडेड ग्लूट ब्रिज एक स्ट्रेंथ एक्सरसाइज है, जो कि ग्लूट्स, हिप्स और कोर की मसल्स पर काम करती है। घुटनों के ऊपर लगाया गया रेजिस्टेंस बैंड हल्का खिंचाव देता है और हिप्स को सही पोजीशन में रखता है।

बैंडेड ग्लूट ब्रिज

इसे करने के लिए घुटनों के ठीक ऊपर मिनी रेजिस्टेंस बैंड लगाएं। पीठ के बल लेट जाएं और घुटनों को मोड़कर पैरों को जमीन पर रखें। अब पैरों के बीच में हिप्स जितनी दूरी रखें। बैंड खिंचाव के साथ धीरे से घुटनों को बाहर की तरफ लेकर आएं। एड़ियों पर जोर देते हुए हिप्स को ऊपर की तरफ उठाए। अब आपको ऊपर पहुंचकर हिप्स की मसल्स को टाइट करें और कमर पर ज्यादा जोर न दें। फिर धीरे-धीरे हिप्स को नीचे लाएं और इस प्रक्रिया को दोहराएं।

साइड क्लैमशेल्स एक्‍सरसाइज

यह एक्सरसाइज हिप्स, ग्लूट्स और कोर को मजबूत करने के साथ पेल्विक की स्थिरता बनाए रखती है। इसमें पैरों की स्पीड क्लैमशेल के खुलने और बंद होने जैसी होती है। 

कैसे करें साइड क्लैमशेल्स

इसे करने करने के लिए आप सबसे पहले एक करवट लेट जाए और घुटनों को मोड़ें। अब घुटनों के ऊपर हल्का रेजिस्टेंस बैंड लगाएं। इसके बाद हिप्स को एक-दूसरे के ऊपर रखें और दोनों पैरों की साथ रखें। अब शरीर के ऊपरी हिस्से को निचले हाथ का सहारा दें। पैरों को साथ रखते हुए ऊपर वाले घुटने को धीरे-धीरे उठाएं और फिर नीचे लेकर आएं। यदि आप साइड प्लैंक कर रही है, तो अपने हिप्स को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।

सीटेड नी ओपनर्स एक्‍सरसाइज कैसे करें

इसे करने के लिए कुर्सी पर आप आराम से सीधी बैठें और दोनों पैरों को जमीन पर रखें। जरुरत पड़ने पर कुर्सी के किनारों का सहारा लें। अब एक पैरों को थोड़ा ऊपर उठाएं और नीचे वाले पैर को धीरे-धीरे सीधा करें। फिर कुछ सेकेंड पोजीशन में रहे और थाइज की मसल्स को एक्टिव रखें। अब पैर को जमीन पर रखें। दोनों पैरों से 10-15 बार दोहराएं।

इस एक्सरसाइज के करने से घुटनों की मूवमेंट अच्छी होती है और क्वाड्रिसेप्स समेत आसपास की मसल्स को मजबूत बना सकती है। यह पैरों फ्लैक्सिबिलिटी को बढ़ाती है। 

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