By अभिनय आकाश | Apr 29, 2024
जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव लड़ने, अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद चुनावों के महत्व और घाटी में शांति को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने एक इंटरव्यू में अपने विचार रखे हैं। अंग्रेजी वेबसाइट इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में एनसी नेता अब्दुल्ला ने कहा कि हमारे यहां कुछ साल पहले जिला विकास समिति के चुनाव हुए थे, लेकिन यह पहला बड़ा चुनाव है और इसका महत्व सुप्रीम कोर्ट की इस घोषणा से भी बढ़ गया है कि विधानसभा चुनाव इस साल 30 सितंबर तक संपन्न होने चाहिए। कुछ संदेह था कि भारत सरकार उनमें देरी करने के लिए कोई कारण ढूंढ लेगी, लेकिन प्रधान मंत्री, गृह मंत्री और अन्य लोगों के हालिया भाषणों से, यह स्पष्ट है कि इन संसद चुनावों के तुरंत बाद विधानसभा चुनाव होंगे। तो इससे इन चुनावों का दबाव बढ़ जाता है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा का चिह्न मशीन पर नहीं होगा लेकिन भाजपा राजनीतिक चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। यह ऐसा है जैसे नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू, उधमपुर या लद्दाख में चुनाव नहीं लड़ रही है, लेकिन हम चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। हम इंडिया ब्लॉक के साथ मिलकर लड़ रहे हैं।