By अभिनय आकाश | Oct 12, 2026
यमन के ईरान समर्थित हुती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों को तीव्र करते हुए एक बेहद गंभीर और नई चेतावनी जारी की है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घोषणा की कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों मक्का और मदीना को छोड़कर पूरे सऊदी अरब के हवाई अड्डे और उसका हवाई क्षेत्र अब उनकी सेना के लिए ऑपरेशन थिएटर यानी कि सैन्य कारवाई का इलाका बन चुका है। हूती सैन्य प्रवक्ता ने दुनिया भर की विमानन कंपनियों के साथ-साथ पैसेंजर्स और वहां पर काम करने वाले लोगों को भी चेतावनी दी है कि वह जल्द से जल्द हवाई अड्डे का उपयोग बंद कर दें। याह्या सारी ने कहा हवाई अड्डे और हवाई क्षेत्र हमारे निशाने पर हैं। हम सभी से हमारी चेतावनियों को गंभीरता से लेने का आग्रह करते हैं और किसी भी असफल प्रयास के लिए सऊदी अरब जिम्मेदार होगा। यह नई और आक्रामक धमकी सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद आई है। शनिवार को हुए इस भीषण हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई और 309 से ज्यादा लोग घायल हो गए। सऊदी नागरिक उड्डन प्राधिकरण के अनुसार मिसाइल हमले हवाई अड्डे के घरेलू उड़ानों वाले टर्मिनल तीन और चार के परिसर में आकर गिरी। इस हमले को सऊदी अरब की धरती पर पिछले एक दशक का सबसे घातक और बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है। हमले के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे हवाई अड्डे को खाली कराया और सभी नागरिक उड़ानों के संचालन को अस्थाई रूप से निलंबित कर दिया। उड़ानों को आननफानन में जिद्दा और अन्य नजदीकी शहरों की तरफ डायवर्ट करना पड़ा। इसके अलावा कुछ उड़ाने दूसरे देशों की तरफ भी डायवर्ट हुई।
हूतियों द्वारा दागी गई मिसाइल सीधे किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संचालन वाले टर्मिनल तीन और टर्मिनल चार के परिसर से टकराई। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पैसेंजर डिपार्चर गेट के पास की छत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया जिससे वहां मौजूद सैकड़ों यात्री मलवे की चपेट में आ गए। घटना की तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हालात वास्तव में कैसे रहे होंगे। सऊदी अरब के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस हमले में मारे गए 12 लोगों में ना केवल सऊदी नागरिक बल्कि कई विदेशी कामगार और यात्री भी शामिल हैं। मृतकों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी नागरिक और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, सूडान और फिलिस्तीन का एक-एक नागरिक शामिल है। यह हमला इसलिए भी अधिक चिंताजनक है क्योंकि एक ही सप्ताह के भीतर किंग खालिद हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किया गया यह तीसरा हमला था। इससे पहले गुरुवार को हुए हमलों में भी एक पायलट समेत तीन सऊदी नागरिकों की जान जा चुकी है। हमले की जिम्मेदारी लेते हुए सैन्य प्रवक्ता याहिया सारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस्लाम के दो पवित्र शहरों मक्का और मदीना के हवाई क्षेत्र को छोड़कर पूरा सऊदी अरब अब उनके सैन्य अभियानों का सक्रिय क्षेत्र बन चुका है। हुतियों ने वैश्विक नागरिक उड्डन कंपनियों के लिए इसे आखिरी चेतावनी करार देते हुए कहा कि सऊदी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी विमान को सैन्य निशाना माना जा सकता है। इस गंभीर खतरे को देखते हुए वैश्विक विमानन क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले के बाद से अब तक 225 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ाने रद्द की जा चुकी है। Air India, लुफांजा, जजीरा एयरवेज और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस जैसी प्रमुख कंपनियों ने रियाद के लिए अपनी सेवाएं अस्थाई रूप से निलंबित कर दी हैं। कई उड़ाने जो हवा में थी उन्हें बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य पड़ोसी सुरक्षित देशों की ओर डाइवर्ट कर दिया गया। इस जोरदार हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसकी कड़ी निंदा की। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे एक बेहद भयानक और कायरतापूर्ण कृत्य बताते हुए सऊदी अरब को पूरी सुरक्षा सहायता देने का भरोसा दिया है। इसके अलावा अन्य देशों ने भी इसकी आलोचना की है। अब हमले के बाद होती विद्रोहियों ने पैसेंजर्स और एयरलाइंस को सख्त चेतावनी दी है कि वह सऊदी एयर स्पेस या फिर सऊदी एयरफोर्स का इस्तेमाल ना करें। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते कूटनीतिक घटनाक्रमों और संभावित परमाणु समझौते की खबरों ने मध्यपूर्व की राजनीति में एक नया तनाव पैदा कर दिया है।