Prajatantra: EVM, Match Fixing, देश में आग...क्या राहुल का बयान उनपर ही पड़ेगा भारी?

By अंकित सिंह | Apr 01, 2024

लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार तेज हो गया है। ना-ना करते हुए भी विपक्षी दल एक मंच पर आ ही गए। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मेरठ से अपनी चुनावी सभाओं की शुरुआत कर दी। हालांकि, दिल्ली की रामलीला मैदान में जिस तरीके से विपक्षी गठबंधन दिखाई दिया, उससे यह साफ हो गया कि भले ही गठबंधन को लेकर कई जगह पेंच फंस रहा है लेकिन हम एक हैं और भाजपा से मिलकर चुनाव लड़ेंगे। लेकिन अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने जिस तरीके से ईवीएम और मैच फिक्सिंग का जिक्र किया और भाजपा पर निशाना साधा, उससे अब राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। भाजपा भी लगातार राहुल गांधी पर उनके बयान को लेकर पलटवार कर रही है। इन सब के बीच राहुल गांधी के बयान को लेकर भाजपा ने चुनाव आयोग में शिकायत की है। 

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भाजपा का पलटवार

नरेन्द्र मोदी के खिलाफ “मैच फिक्सिंग” के आरोप के लिये राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अतीत में कांग्रेस सरकार ने पार्टी के प्रथम परिवार को लाभ पहुंचाने के लिये पड़ोसी देश श्रीलंका के साथ एक ‘सौदा’ करके कच्चातिवु द्वीप उसे सौंप दिया था। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गांधी के इस दावे को लेकर कांग्रेस की आलोचना की कि अगर भाजपा सत्ता में लौटी और संविधान बदला गया तो पूरे देश में आग लग जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी राजनीतिक कांग्रेस के ‘डीएनए’ में है। पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 1947 में धर्म के आधार पर देश का विभाजन और जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से को पाकिस्तान के कब्जे में छोड़ने भी संकोच नहीं किया। 

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चुनावी दांव

इसमें कोई दो राय नहीं है कि देश में राजनीतिक तापमान बढ़ने के साथ ही ईवीएम कटघरे में आ जाता है। लेकिन जिस तरीके से विपक्षी नेता अपने अभियान को धार देने की कोशिश कर रहे हैं इससे कहीं ऐसा ना हो कि उनका दांव उन्हीं पर उल्टा पड़ जाए। सवाल यह भी है कि जब आप चुनाव हार जाते हैं तो ईवीएम पर सवाल उठाते हैं लेकिन जब जीत जाते हैं तो आप कुछ नहीं बोलते। हाल में ही देखे तो राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस हार गई, ईवीएम पर उनकी ओर से सवाल उठाए जाने लगे, लेकिन तेलंगाना में कांग्रेस ने जबर्दस्त जीत हासिल की तो किसी ने कुछ नहीं बोला। वही लोकतंत्र को लेकर राहुल गांधी की ओर से जो दावा किया जाता है वह कहीं ना कहीं देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचा सकता है। एक जिम्मेदार नेता को हमेशा गंभीर बयान देने की आवश्यकता होती है। 

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