Explained | Mehbooba Mufti का क्या है Ali Khamenei से कनेक्शन? ईरान में हुई मौत का भारत में क्यों मनाया जा रहा है मामत?

By रेनू तिवारी | Mar 03, 2026

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को जम्मू कश्मीर पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात से आग्रह किया कि वह अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में कश्मीर घाटी में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में ली गई महिलाओं को रिहा करने का आदेश दें। उन्होंने पुलिस प्रमुख से कहा कि इस स्थिति को करुणा और संवेदनशीलता के साथ संभालना चाहिए क्योंकि यह ‘‘हमारे लिए शोक का समय’’ है। खामेनेई की मौत के बाद भड़के प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 14 लोग घायल हो गए, जिनमें छह सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।

Mehbooba Mufti का क्या है Ali Khamenei से कनेक्शन? 

महबूबा मुफ्ती और अयातुल्ला अली खामेनेई के बीच का कनेक्शन मुख्य रूप से धार्मिक सहानुभूति, वैचारिक एकजुटता और क्षेत्रीय राजनीति पर आधारित है। कश्मीर की राजनीति में महबूबा मुफ्ती अक्सर मुस्लिम जगत के बड़े मुद्दों और नेताओं के पक्ष में मुखर रही हैं। चूंकि कश्मीर में एक महत्वपूर्ण शिया आबादी निवास करती है, जो खामेनेई को अपना आध्यात्मिक और राजनीतिक मार्गदर्शक (सर्वोच्च नेता) मानती है, इसलिए महबूबा मुफ्ती का उनके प्रति समर्थन जताना स्थानीय भावनाओं के साथ जुड़ने की एक कोशिश भी है। खामेनेई की 'शहादत' पर उनका दुख जताना और प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग करना, न केवल उनके अंतरराष्ट्रीय इस्लामिक मुद्दों के प्रति झुकाव को दर्शाता है, बल्कि घाटी के भीतर अपनी राजनीतिक पैठ को संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण नेतृत्व के रूप में पेश करने का एक जरिया भी है। 

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भारत में क्यों मनाया जा रहा है खामेनेई की मौत का मामत

ईरान में हुई इस मौत का भारत (विशेषकर कश्मीर और लखनऊ जैसे क्षेत्रों) में मातम मनाए जाने के पीछे मुख्य कारण धार्मिक और आध्यात्मिक जुड़ाव है। शिया मुसलमान अयातुल्ला अली खामेनेई को केवल ईरान का नेता नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के शिया समुदाय का 'वली-ए-फकीह' (सर्वोच्च धर्मगुरु) मानते थे। उनके अनुयायियों के लिए उनकी मृत्यु एक अपूरणीय व्यक्तिगत और धार्मिक क्षति है। यही कारण है कि भारत के कई हिस्सों में लोग सड़कों पर उतरकर शोक जता रहे हैं, काला झंडा फहरा रहे हैं और अमेरिका-इजराइल के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

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