By अभिनय आकाश | Mar 31, 2026
ऐसा देश जिसने अमेरिका को परेशान कर दिया है। अमेरिका के लड़ाकू विमान उसके हवाई क्षेत्र से जा रहे थे। उसने कहा रुको ऐसा है कि ईरान पर हमला करने के लिए हम अपना हवाई स्पेस नहीं देंगे। यह कोई और देश नहीं है बल्कि नाटो का सहयोगी या सदस्य है। नाम है स्पेन। स्पेन की सरकार ने एक बड़ा फैसला किया। उसने साफ-साफ घोषणा की कि ईरान पर हमले के लिए जा रहे किसी भी लड़ाकू विमान को अमेरिकी युद्धक विमान को स्पेन की हवाई क्षेत्र से गुजरने नहीं देंगे या वहां के संयुक्त सैन्य ठिकानों जैसा रोटा नौसेना बेस है मॉरेन एयरबेस है इसका इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। स्पेनिश अखबार एल पाइस ने प्रकाशित की। जिसके बाद दुनिया भर के अखबारों ने इस खबर के बारे में बातचीत की है।
स्पेन ने अमेरिका को संयुक्त बेस इस्तेमाल करने से मना कर दिया। विदेश मंत्री स्पेन के जोस मैनुअल अल्बोरेस ने कहा कि बेस यूएन चार्टर और स्पेन अमेरिका समझौतों के बाहर किसी भी काम के लिए नहीं इस्तेमाल होगा। 30 मार्च 2026 को स्पेन ने फिर दोहराया कि ना तो हवाई क्षेत्र की अनुमति है ना बेस का इस्तेमाल। रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोब्स ने कहा कि हम ना सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल होने देने की अनुमति देते हैं। ना ही ईरान में युद्ध से संबंधित किसी काम के लिए हवाई क्षेत्र का अर्थव्यवस्था मंत्री ने रेडियो पर कहा है कि यह फैसला स्पेन की नीति का हिस्सा है। एकतरफा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ युद्ध में हिस्सा ना लेना। पीएम पेंड्रो साचेंज ने भी हमलों को लापरवाह और गैर कानानूनी पहले ही बताया है। अमेरिकी विमानों को अब जो है जर्मनी, इटली या पुर्तगाल के रास्ते जाना पड़ रहा है। रूट लंबा है, महंगा भी है। ट्रंप ने स्पेन के साथ व्यापार संबंध तोड़ने की धमकी दी। लेकिन इससे स्पेन डगमगाया नहीं। स्पेन की जो वामपंथी सरकार है सोशलिस्ट पार्टी के तहत जो है पेड्रोस चेंज का स्पष्ट रुख है कि अमेरिका इजराइल के एक तरफा हमलों का वो समर्थन नहीं करेगा।