किसान नेता राकेश टिकैत बोले, अड़ियल रवैया छोड़े सरकार, कानून वापस नहीं तो घर वापसी नहीं

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 27, 2020

नयी दिल्ली। दिल्ली की सीमा पर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को एक महीना हो गया है। सरकार और किसानों के बीच कई दौर की बातचीत अब तक बेनतीजा रही है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का कहना है कि सरकार अड़ियल रवैया छोड़े, क्योंकि सशर्त बातचीत का कोई मतलब नहीं है। उनका कहना है कि अगर कानून वापस नहीं लिए जाते हैं तो आंदोलनकारी किसान भी घर वापस नहीं जाएंगे। इस मुद्दे पर पेश हैं उनसे ‘के पांच सवाल’ और उनके जवाब... सवाल : कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का कोई नतीजा नहीं निकला है। आगे की राह क्या होगी ? जवाब : सरकार हमसे बातचीत करना चाहती है और हमसे तारीख तथा मुद्दों के बारे में पूछ रही है। हमने 29 दिसंबर को बातचीत का प्रस्ताव दिया है। अब सरकार को तय करना है कि वह हमें कब बातचीत के लिए बुलाती है। हमारा कहना है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए तौर-तरीके और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए गारंटी का मुद्दा सरकार के साथ बातचीत के एजेंडे में शामिल होना चाहिए। हमने साफ कहा है कि सरकार अड़ियल रवैया छोड़े, क्योंकि सशर्त बातचीत का कोई मतलब नहीं है। कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं। सवाल : आपने हाल ही में किसान आंदोलन को लेकर गुरुद्वारा लंगर की तरह से मंदिरों व एवं धार्मिक ट्रस्टों से भी योगदान देने की बात कही थी। इस बयान से पैदा विवाद पर क्या कहेंगे ?

प्रमुख खबरें

North India Weather Alert | दिल्ली में भारी बारिश का अनुमान, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड समेत 5 राज्यों में भी भारी वर्षा की चेतावनी

Explained- US Visa Fee Hike | ट्रंप प्रशासन का H-1B वीज़ा फ़ीस $1,00,000 करने का प्रस्ताव: भारतीय पेशेवरों पर क्या होगा असर?

Women Empowerment In Defense | देश में पहली बार... NSG में महिला कर्मियों के लिए ‘कमांडो कन्वर्जन कोर्स’ की शुरुआत

Rahul Gandhi ने Devendra Fadnavis को लिखा पत्र, आदिवासी छात्रों की मांग उठाई