By अभिनय आकाश | Feb 11, 2025
भारत विशेष रूप से दिल्ली ने 2020-2021 के किसान आंदोलन के दौरान राजमार्गों पर ट्रैक्टरों के काफिले की धमक को महसूस किया था। लेकिन अब देश की राजधानी दिल्ली से 6,707 किलोमीटर दूर ब्रिटेन की राजधानी लंदन में सड़कों पर इस तरह ट्रैक्टरों का रेला नजर आया। मौका था ग्रामीण इलाकों से किसानों द्वारा अपने ट्रैक्टरों को लेकर ब्रिटिश राजधानी की ओर मार्च का। ब्रिटेन में कीर स्टारमर की लेबर सरकार के विरोध में हजारों किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर चक्काजाम किया। किसान लेबर सरकार की उत्तराधिकार कर योजना का विरोध कर रहे हैं, जो 1 मिलियन पाउंड (करीब 11 करोड़ रुपए) से अधिक मूल्य की कृषि भूमि पर 20% टैक्स लगाती है।
विरासत कर में बदलाव का विरोध
लेबर सरकार द्वारा विरासत कर में प्रस्तावित बदलावों के विरोध में सैकड़ों किसानों के साथ ट्रैक्टर लंदन में घूमे। नई नीति में 1 मिलियन पाउंड से अधिक मूल्य के खेतों पर 20% का विरासत कर शामिल होगा, जिसने कृषक समुदाय को नाराज कर दिया है। बीबीसी के अनुसार, प्रस्तावित कर अप्रैल 2026 से लागू होगा। यूके स्थित इंडिपेंडेंट के अनुसार, ब्रिटिश फार्मिंग बचाओ आंदोलन द्वारा आयोजित लंदन में मार्च, चांसलर राचेल रीव्स द्वारा पिछले साल नीति की घोषणा के बाद से तीसरा बड़े पैमाने पर प्रदर्शन था।