By अंकित सिंह | Jun 07, 2022
जम्मू कश्मीर में इन दिनों टारगेट किलिंग के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद आतंकवादियों ने अपने आतंकी के तरीकों में बदलाव किया है। अब हाइब्रिड आतंकवाद के जरिए आम नागरिक को निशाना बनाया जा रहा है। इन सबके बीच जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने राज्य में चुनाव में मांग कर दी है। फारूक अब्दुल्ला ने साफ तौर पर कहा है कि जम्मू कश्मीर के लोगों को एक निर्वाचित सरकार मिलनी चाहिए क्योंकि वही लोगों की समस्याओं का हल कर सकती है। फारूक अब्दुल्ला ने साफ तौर पर कहा कि जम्मू कश्मीर में चुनाव होना चाहिए।
इतना ही नहीं, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला भी लगातार 370 के खत्म होने के खिलाफ बोलते रहे हैं। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी 370 के खत्म करने का विरोध कर रही है। फारूक अब्दुल्ला ने पूछा कि पांच अगस्त 2019 को इसे निरस्त कर दिये जाने के बाद फिर घाटी में आतंकवाद कैसे बढ़ गया? इसलिये अनुच्छेद 370 इसके लिये जिम्मेदार नहीं था। स्थिति खतरनाक है और इसका असर देश पर हो रहा है। यह चिंता का विषय है। श्रीनगर से लोकसभा सदस्य अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार को अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों पर हमलों के बाद उनके बीच सुरक्षा की भावना पैदा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि वह यहां रूकें और जब तक उनके मन में यह भावना पैदा नहीं होती कि वह यहां सुरक्षित हैं, तब तक वह यहां से पलायन करते रहेंगे।