उमर अब्दुल्ला ने भी हाजिनी के निधन पर शोक जताते हुए कहा, ‘‘हाजिनी साहब के निधन की दुखद खबर मिली। बेहद सदमे और दुख में हूं। वह कश्मीरी साहित्य के अगुआ थे, उनके निधन ने कश्मीर के साहित्यिक हलकों में एक शून्य पैदा कर दिया है, जिसे आने वाले वर्षों में भर पाना मुमकिन नहीं होगा।