By अभिनय आकाश | Oct 02, 2026
फेडरेशन ऑफ़ इंडियन पायलट्स (FIP) ने प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुरोध किया है कि वे फ़्लाईदुबई की फ़्लाइट FZ1073 के पायलट-इन-कमांड कैप्टन स्मित मच्छार को 'राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार' देने पर विचार करें। 30 सितंबर को उड़ान के दौरान एक इमरजेंसी स्थिति में उनके ओमानी को-पायलट ने उन पर हमला कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने जिस तरह से स्थिति को संभाला, उसके लिए यह अनुरोध किया गया है। एक पत्र में कहा गया है कि घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विमान पर नियंत्रण बनाए रखा और 174 यात्रियों व 8 क्रू सदस्यों के साथ सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंडिंग की। पत्र में कहा गया, "बुरी तरह घायल होने और फ़्लाइट डेक के अंदर बेहद खतरनाक स्थिति का सामना करने के बावजूद, कैप्टन स्मित ने पायलट-इन-कमांड के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभाना जारी रखा। उन्होंने विमान पर नियंत्रण बनाए रखा, मुश्किल हालात में सही फ़ैसले लिए और अंततः विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक पहुँचाया।
साथ ही कहा गया कि कैप्टन स्मित मच्छर का लगातार अपने फ़र्ज़ निभाना और उसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से तबुक ले जाना "पेशेवर साहस और ज़िम्मेदारी का असाधारण काम" है। FIP ने बताया कि कैप्टन स्मित 2022 तक फ़ेडरेशन के सदस्य थे। उन्होंने कहा, "भले ही वह अब सदस्य नहीं हैं, लेकिन FIP उन्हें पेशेवर पायलटों के बड़े समुदाय का हिस्सा मानता है। इसलिए, फ़ेडरेशन बहुत गर्व के साथ उनके असाधारण व्यवहार को भारत सरकार के सामने राष्ट्रीय सम्मान के लिए विचार करने हेतु रख रहा है।" फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन पायलट्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑफ़िस से आग्रह किया कि वे "भारत सरकार के लागू नियमों के अनुसार और सक्षम अधिकारियों द्वारा तथ्यों की उचित जाँच के बाद" उन्हें सम्मान देने पर विचार करें। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि अधिकारी हालात की जाँच करें और ज़रूरी ऑपरेशनल और मेडिकल रिकॉर्ड हासिल करें।