By अनन्या मिश्रा | Apr 30, 2026
हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरसिंह जयंती मनाई जाती है। नरसिंह भगवान श्रीहरि विष्णु के उग्र अवतार हैं। भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए नरसिंह अवतार लिया था। भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार में आधा शरीर मनुष्य का और आधा शरीर सिंह यानी की शेर का है। इस कारण भगवान विष्णु के इस अवतार को नरसिंह अवतार कहा जाता है। इस बार आज यानी की 30 अप्रैल को नरसिंह जयंती मनाई जा रही है। तो आइए जानते हैं नरसिंह जयंती की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व के बारे में...
इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें। फिर सूर्य देव को अर्घ्य दें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद पूजा घर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें। फिर एक लकड़ी पर पीला या लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और उस पर भगवान नरसिंह की प्रतिमा को स्थापित करें। पूरे श्रद्धाभाव से भगवान नरसिंह को फल-फूल, नारियल, पंचमेवा, धूप-दीप, अक्षत और पीला वस्त्र अर्पित करें। अंत भगवान नरसिंह की आरती करें और पूजा में हुई भूलचूक के लिए क्षमायाचना करें।
भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा करने और असुर राजा हिरण्यकश्यप का वध करने के लिए इस दिन नरसिंह अवतार लिया था। यह पर्व अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई का प्रतीक माना जाता है। इस दिन जो भी जातक पूजा और व्रत करते हैं, उनको जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है। भगवान नृसिंह का प्राकट्य संध्या काल के समय हुआ था, इस कारण संध्या काल में भगवान नरसिंह की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।