By Ankit Jaiswal | Jun 19, 2026
फुटबॉल प्रेमियों को जिस प्रदर्शन का इंतजार था, वह आखिरकार देखने को मिल गया। लियोनेल मेसी ने फीफा विश्व कप 2026 के अपने पहले मुकाबले में ऐसा खेल दिखाया जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह दुनिया के सबसे महान खिलाड़ियों में क्यों गिने जाते हैं। अल्जीरिया के खिलाफ अर्जेंटीना की 3-0 की जीत में मेसी ने तीनों गोल दागकर पूरी महफिल लूट ली।
गौरतलब है कि मेसी अगले सप्ताह 39 वर्ष के होने जा रहे हैं, लेकिन मैदान पर उनकी फिटनेस, गति और खेल को पढ़ने की क्षमता अब भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों जैसी दिखाई दे रही है। अल्जीरिया के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने शुरुआत से ही खेल पर अपना प्रभाव बनाए रखा और विरोधी टीम को कोई मौका नहीं दिया।
इस मुकाबले में किए गए तीन गोलों के साथ मेसी ने विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज़े की बराबरी कर ली है। यह उपलब्धि उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ा अध्याय जोड़ती है।
बता दें कि कतर में खेले गए 2022 विश्व कप में अर्जेंटीना को चैंपियन बनाने के बाद कई लोगों को लगा था कि मेसी का सबसे बड़ा सपना पूरा हो चुका है। हालांकि मौजूदा विश्व कप में उनके प्रदर्शन को देखकर साफ है कि जीत की भूख और देश के लिए खेलने का जज्बा अब भी पहले जैसा ही है।
अर्जेंटीना के वरिष्ठ पत्रकार सर्जियो लेविन्स्की, जिन्होंने मेसी की जीवनी भी लिखी है और पिछले 11 विश्व कप में अर्जेंटीना की टीम को करीब से देखा है, उनका मानना है कि मेसी ने इस विश्व कप के लिए विशेष तैयारी की थी। उनके अनुसार, पिछले कुछ महीनों में मेसी ने अपनी फिटनेस और प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया था।
मौजूद जानकारी के अनुसार, मेसी के क्लब स्तर के हालिया मुकाबलों में भी उनकी फॉर्म शानदार रही थी। मैदान पर उनकी सक्रियता और ऊर्जा ने टीम के अन्य खिलाड़ियों को भी प्रभावित किया था। यही कारण है कि विश्व कप के पहले मुकाबले में वह पूरी तरह तैयार और आत्मविश्वास से भरे हुए नजर आए।
हालांकि सर्जियो लेविन्स्की का मानना है कि मेसी पर दूसरा विश्व कप जीतने का दबाव नहीं है। उनके अनुसार, कतर में विश्व कप जीतना मेसी के जीवन का सबसे बड़ा सपना था और वह सपना पूरा हो चुका है। अब यदि वह एक और खिताब जीतते हैं तो वह उनके लिए अतिरिक्त उपलब्धि होगी।
अल्जीरिया के खिलाफ जीत के बाद अर्जेंटीना की टीम का मनोबल काफी ऊंचा है। टीम के अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन उसे खिताब के प्रमुख दावेदारों में शामिल करता है। मेसी के साथ रोड्रिगो डी पॉल जैसे खिलाड़ी भी टीम की मजबूती बढ़ा रहे हैं।
अब अर्जेंटीना का अगला मुकाबला 23 जून को ऑस्ट्रिया के खिलाफ खेला जाएगा। यह मैच डलास में आयोजित होगा और सभी की निगाहें एक बार फिर लियोनेल मेसी पर टिकी रहेंगी। यदि वह इसी लय में खेलते रहे तो अर्जेंटीना के लिए एक और विश्व कप खिताब का सपना हकीकत में बदल सकता है और फुटबॉल इतिहास में मेसी का नाम और भी ऊंचाई पर पहुंच सकता है।