FIFA World Cup 2026: USA को लगा तगड़ा झटका, स्टार स्ट्राइकर Folarin Balogun नॉकआउट मैच से बाहर

By Ankit Jaiswal | Jul 03, 2026

विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंच चुकी अमेरिका की फुटबॉल टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के प्रमुख स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ मिले लाल कार्ड पर कोई राहत नहीं मिली है। मौजूद जानकारी के अनुसार फीफा ने स्पष्ट कर दिया है कि विश्व कप के दौरान सीधे लाल कार्ड दिए जाने के फैसले के खिलाफ अपील का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में बालोगुन अब बेल्जियम के खिलाफ होने वाले अंतिम 16 के मुकाबले में नहीं खेल पाएंगे।

गौरतलब है कि यह घटना तब हुई जब बालोगुन का पैर बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाड़ी तारिक मुहरेमोविच के टखने और एड़ी के पास लगा। वीडियो समीक्षा के बाद रेफरी ने इसे गंभीर फाउल मानते हुए सीधे लाल कार्ड जारी किया। टक्कर के बाद मुहरेमोविच को काफी देर तक मैदान पर चिकित्सकीय सहायता भी दी गई थी।

फीफा अनुशासन संहिता के अनुसार किसी खिलाड़ी को सीधे लाल कार्ड मिलने पर उसे अगले मुकाबले से स्वतः निलंबित कर दिया जाता है। मौजूद जानकारी के अनुसार यही नियम इस मामले में भी लागू होगा। इसके अलावा यदि फीफा की अनुशासन समिति को लगता है कि चुनौती सामान्य से अधिक गंभीर थी, तो खिलाड़ी की सजा एक मुकाबले से अधिक भी बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल इस संबंध में अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

बता दें कि अमेरिकी फुटबॉल महासंघ ने संकेत दिए हैं कि यदि बालोगुन पर एक मुकाबले से अधिक का प्रतिबंध लगाया जाता है तो उस स्थिति में वे अतिरिक्त सजा के खिलाफ अपनी बात रख सकते हैं। हालांकि सीधे लाल कार्ड को रद्द कराने या उसके मूल फैसले को बदलवाने का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है।

फीफा के नियमों के अनुसार वीडियो सहायक रेफरी की समीक्षा को ही घटना की पहली और अंतिम तकनीकी समीक्षा माना जाता है। यानी मैदान पर रेफरी और वीडियो समीक्षा के बाद लिया गया फैसला अंतिम माना जाता है। यही वजह है कि टूर्नामेंट के दौरान लाल कार्ड के फैसले के खिलाफ अलग से अपील स्वीकार नहीं की जाती है।

अमेरिका के मुख्य प्रशिक्षक मौरिसियो पोचेटिनो ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यह फुटबॉल का सामान्य खेल था और इसे सीधे लाल कार्ड देने योग्य नहीं माना जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उनकी नजर में यह कठोर फैसला था, जिसने मुकाबले का संतुलन बदल दिया। हालांकि दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि वीडियो में दिखाई गई चुनौती काफी खतरनाक थी और खिलाड़ी की सुरक्षा को देखते हुए रेफरी का फैसला नियमों के अनुरूप था।

गौरतलब है कि फोलारिन बालोगुन इस विश्व कप में अमेरिका के सबसे सफल गोल करने वाले खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने अब तक तीन गोल किए हैं और टीम के आक्रमण की सबसे मजबूत कड़ी माने जा रहे हैं। ऐसे में बेल्जियम के खिलाफ उनका बाहर होना अमेरिका की रणनीति पर सीधा असर डाल सकता है।

अब अमेरिका की टीम सोमवार को सिएटल में बेल्जियम के खिलाफ अंतिम 16 का मुकाबला खेलेगी। इस मुकाबले की विजेता टीम क्वार्टर फाइनल में प्रवेश करेगी। ऐसे में अमेरिकी टीम को अपने सबसे प्रभावशाली स्ट्राइकर के बिना मैदान में उतरना होगा। वहीं सभी की नजर अब फीफा की अनुशासन समिति के अगले फैसले पर भी रहेगी कि बालोगुन का निलंबन एक मैच तक सीमित रहता है या इसे आगे भी बढ़ाया जाता है।

प्रमुख खबरें

झारखंड सरकार का बड़ा फैसला: JSSC-CGL समेत 2014 से TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द, CBI जांच पर अड़े छात्र

Donald Trump ने की भारतीय चुनाव प्रणाली की तारीफ़, भारत की तर्ज पर अमेरिका में भी लागू हो SAVE अमेरिका एक्ट

सरकार ने ECMS के 31 नए विनिर्माण प्रस्तावों को ₹7,877 करोड़ की मंजूरी दी

Tata Power और IIT Bombay ने उन्नत स्वच्छ ऊर्जा पर मास्टर रिसर्च समझौता किया