By Ankit Jaiswal | Jul 15, 2026
विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में फ्रांस पर शानदार जीत दर्ज करने के बाद स्पेन की टीम अब दूसरी बार विश्व विजेता बनने से सिर्फ एक कदम दूर पहुंच गई है। सेमीफाइनल में 2-0 की जीत के बाद खिलाड़ियों के साथ-साथ मुख्य कोच लुइस दे ला फुएंते भी बेहद उत्साहित नजर आए। उनका कहना है कि मौजूदा स्पेनिश टीम ने वर्ष 2010 में विश्व कप जीतने वाली टीम जैसी एकजुटता और जुझारूपन फिर हासिल कर लिया है।
जीत के बाद लुइस दे ला फुएंते ने कहा कि मैच से पहले उन्होंने खिलाड़ियों से कहा था कि वे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक के खिलाफ उतर रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर फ्रांस का सामना दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम से होने वाला है। उनके अनुसार खिलाड़ियों ने मैदान पर अनुशासन, समर्पण और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया और कठिन परिस्थितियों को भी आसान बना दिया ।
गौरतलब है कि स्पेन ने अपना पहला विश्व कप खिताब वर्ष 2010 में इकर कासियास की कप्तानी में जीता था। दे ला फुएंते ने कहा कि मौजूदा टीम में वही भावना और आत्मविश्वास फिर दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि जीत के बाद भी जिन खिलाड़ियों को खेलने का मौका नहीं मिला, वे मैदान पर रुककर अभ्यास करते रहे। उनके मुताबिक यही बात इस टीम के मजबूत चरित्र और सामूहिक सोच को दर्शाती हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार स्पेन ने पिछले वर्ष यूरोपीय चैम्पियनशिप भी अपने नाम की थी। अब टीम लगातार 37 मुकाबलों में अजेय रहकर इटली के रिकॉर्ड की बराबरी कर चुकी है। हालांकि दे ला फुएंते का मानना है कि टीम अभी भी पूरी तरह अपनी सर्वोच्च क्षमता तक नहीं पहुंची है और आगे सुधार की काफी गुंजाइश बनी हुई हैं।
स्पेन के कोच ने कहा कि किसी भी सफल टीम की सबसे बड़ी ताकत उसके खिलाड़ी ही नहीं बल्कि पूरा सहयोगी दल होता है। उन्होंने कहा कि जब सभी लोग व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर एक ही लक्ष्य के लिए काम करते हैं, तभी बड़ी सफलता मिलती है। उनके अनुसार उनकी टीम में किसी तरह का अहंकार नहीं है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत बनी हुई हैं।
फाइनल को लेकर भी दे ला फुएंते ने अपनी इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि यदि मौका मिले तो वह अर्जेंटीना के खिलाफ खिताबी मुकाबला खेलना पसंद करेंगे, क्योंकि वहां के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी उनके अच्छे मित्र हैं। साथ ही उन्होंने इंग्लैंड की भी तारीफ करते हुए कहा कि दूसरा सेमीफाइनल भी किसी फाइनल मुकाबले से कम नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि उनके लिए फाइनल केवल जीतने का नहीं बल्कि उस पल का आनंद लेने का अवसर भी होता है। हालांकि स्पेन अब दूसरी बार विश्व कप ट्रॉफी जीतने से सिर्फ एक जीत दूर खड़ा है और पूरी टीम इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार दिखाई दे रही हैं।