By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 28, 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे एवं अंतिम चरण के तहत बुधवार को होने वाला मतदान तय करेगा कि क्या तृणमूल कांग्रेस अब भी अपने गढ़ पर कब्जा बनाए रखेगी या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसमें अपनी पकड़ मजबूत कर आखिरकार राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ पहुंचने में सफल होगी। चुनाव के दूसरे चरण के तहत बुधवार को राज्य विधानसभा की 142 सीट के लिए मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में उत्तर बंगाल और आस-पास के जिलों में भाजपा की पारंपरिक पकड़ की परीक्षा हुई और अब दूसरे चरण में तृणमूल कांग्रेस के गढ़ - कोलकाता, हावड़ा, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, नादिया, हुगली और पूर्वी बर्धमान - के मुकाबलों पर नजर रहेगी।
अगर हम इस क्षेत्र में फिर से जीत दर्ज करते हैं, तो बंगाल में ममता बनर्जी की ही सरकार बनेगी।’’ भाजपा की प्रदेश इकाई के एक नेता ने कहा, “दक्षिण बंगाल में पकड़ बनाए बिना हम सत्ता तक नहीं पहुंच सकते। उत्तर 24 परगना, कोलकाता और हावड़ा ही असली चुनावी युद्धक्षेत्र हैं। बदलाव यहीं से होगा।” भौगोलिक स्थिति इसकी अहमियत को स्पष्ट करती है। उत्तर 24 परगना में विधानसभा की 33 सीट, दक्षिण 24 परगना में 31, हावड़ा में 16, नदिया में 17, हुगली में 18, पूर्वी बर्धमान में 16 और कोलकाता में 11 सीट हैं। राज्य में पहले चरण में 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज होने के बाद बनर्जी ने दावा किया था कि तृणमूल कांग्रेस पहले ही 100 सीट का आंकड़ा पार कर चुकी है।
यह राज्य में अब तक का सबसे अधिक मत प्रतिशत है। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) ने नाम हटाए जाने के मुद्दे को दूसरे चरण का संभवत: सबसे संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। उत्तर 24 परगना में मतदाता सूचियों से 12.6 लाख से अधिक नाम हटाए गए, दक्षिण 24 परगना में 10.91 लाख से अधिक, कोलकाता में लगभग 6.97 लाख, हावड़ा में लगभग छह लाख, हुगली में 4.68 लाख और नादिया में लगभग 4.85 लाख नाम हटाए गए।