By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 07, 2022
उल्लेखनीय है कि खुदरा मुद्रास्फीति इस साल अप्रैल में 7.79 प्रतिशत के उच्चस्तर पर पहुंच गयी थी। उसके बाद से इसमें गिरावट जारी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में खाद्य वस्तुओं के दाम में नरमी से मुद्रास्फीति कम होकर 6.71 प्रतिशत पर आ गई। हालांकि यह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संतोषजनक स्तर की उच्च सीमा छह प्रतिशत से लगातार सातवें महीने ऊपर बनी हुई है।जून, 2022 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 7.01 प्रतिशत थी। रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति दो से छह प्रतिशत के बीच रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है। वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व और यूरोपीय केंद्रीय बैंक के ब्याज दरों में तेज वृद्धि से उत्पन्न अस्थिरता से रिजर्व बैंक निपट लेगा। उन्होंने कहा, ‘‘सभी चुनौतियों के बावजूद ... हमें विश्वास है कि दुनियाभर के केंद्रीय बैंक अपनी अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिये जो कुछ भी कदम उठाएंगे ...यूएस फेड या ईसीबी जो कदम उठा सकते हैं, आरबीआई को उसका अंदाजा है और वे बिना किसी बड़े उतार-चढ़ाव के मौद्रिक नीति को संभालने को लेकर आश्वस्त हैं।’’