नए आपराधिक कानून के तहत दिल्ली में पहला मामला दर्ज, जानें किसके खिलाफ हुआ पहला मामला

By रितिका कमठान | Jul 01, 2024

देश भर में एक जुलाई से नए कानून लागू हुए है। इस नए कानून के तहत ही दिल्ली में पहला मामला भी दर्ज हो गया है। ये पहला मामला दिल्ली के कमला मार्केट इलाके में सामने आया है। यहां खुद पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दी थी। तीन नए आपराधिक कानून सोमवार को पूरे देश में लागू हो गए और इनमें से किसी एक धारा के तहत दर्ज किया गया यह पहला मामला है।

एफआईआर में कहा गया है कि जब गश्त कर रहे अधिकारियों ने कुमार से अपना ठेला हटाने को कहा तो उसने उनकी बात अनसुनी कर दी। इसके बाद एफआईआर दर्ज की गई। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, सीआरपीसी के स्थान पर नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम के स्थान पर भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किया गया है। आईपीसी के विपरीत, भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं हैं। संहिता में 20 नये अपराध जोड़े गए हैं तथा नये आपराधिक कानून के तहत 33 अपराधों के लिए जेल की सजा बढ़ा दी गई है।

भारतीय न्याय संहिता के तहत 83 अपराधों में जुर्माना राशि बढ़ा दी गई है और 23 अपराधों में अनिवार्य न्यूनतम सजा की शुरुआत की गई है। छह अपराधों में सामुदायिक सेवा के लिए दंड की शुरुआत की गई है और अधिनियम से 19 धाराओं को निरस्त या हटा दिया गया है। सभी नई एफआईआर 1 जुलाई से नए आपराधिक कानूनों के तहत दर्ज की जाएंगी। हालांकि, पहले दर्ज किए गए मामलों की सुनवाई अंतिम निपटारे तक पुराने कानूनों के तहत ही होती रहेगी। 

नए कानूनों में भारत में आधुनिक न्याय प्रणाली लागू करने की योजना है, जिसमें शून्य एफआईआर, पुलिस शिकायतों का ऑनलाइन पंजीकरण, एसएमएस जैसे इलेक्ट्रॉनिक तरीकों से सम्मन और सभी जघन्य अपराधों के लिए अपराध स्थलों की अनिवार्य वीडियोग्राफी जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।

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