By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 24, 2023
मणिपुर के तामेनलोंग जिले के खोंगसांग रेलवे स्टेशन पर सोमवार को पहली मालगाड़ी गुवाहाटी से पहुंची। अधिकारियों ने कहा कि मणिपुर में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण आवश्यक वस्तुओं की कमी को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने राज्य के परिवहन विभाग के सहयोग से रविवार को हिंसा प्रभावित पूर्वोत्तर राज्य के लिए आवश्यक वस्तुओं से भरी पहली मालगाड़ी भेजी। मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने ट्वीट में लिखा, खोंगसांग रेलवे स्टेशन पर आज पहली मालगाडी़ के महत्वपूर्ण आगमन को देखकर प्रसन्नता हुई। उन्होंने बताया कि इस विकास से मणिपुर के लोगों के लिए बहुत सारे अवसर पैदा होंगे और सामान एवं आवश्यक वस्तुओं का त्वरित ढुलाई सुलभ होगी। मुख्यमंत्री ने कहा, सामान की निर्बाध ढुलाई निस्संदेह औद्योगिकी विकास को उत्प्रेति करेगी, व्यापार को बढ़ाएगी और अंततः जीवन की समग्र गुणवत्ता में वृद्धि करेगी।
विपणन निरीक्षक कारोबारियों की समस्याओं के लिए 24 घंटे मौजूद रहेगा। जनसंपर्क अधिकारी ने कहा, राज्य के लिए विशेष विचार के तहत, फिलहाल मणिपुर के लिए डिब्बों को अलग-अलग बुक करने की अनुमति दी गई है। पहले से ही, महाराष्ट्र से प्याज, पश्चिम बंगाल से आलू और असम से रोजमर्रा (एफएमसीजी) का सामान राज्य के लिए बुक किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मौजूदा परिदृश्य में एनएफआर द्वारा की गई इस पहल से मणिपुर के लोगों को बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है। मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मणिपुर की आबादी में मेइती समुदाय के लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहते हैं, जबकि नगा और कुकी जैसे आदिवासियों की आबादी 40 प्रतिशत है और वे पर्वतीय जिलों में रहते हैं।