Article 370 hearing Day 5: भारत के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया, SC में राजीव धवन ने किया अनुच्छेद 3 और 4 का जिक्र

By अभिनय आकाश | Aug 10, 2023

संविधान के अनुच्छेद 370 को कमजोर कर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आज भी सुनवाई जारी रखी। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। पहले तीन दिन वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बहस की और फिर वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रमण्यम ने कल अपनी दलीलें पूरी कीं।

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विविधता केवल 370(1) से आगे के विशेष प्रावधानों तक सीमित नहीं है। लेकिन वास्तव में नागालैंड और मिजोरम के लिए, यह कहता है कि किसी भी रीति-रिवाज में हस्तक्षेप करने से पहले आपको राज्य की विधायिका को कार्रवाई करने की आवश्यकता होगी। कला 3(4) लीजिए। यह संविधान की कमज़ोरी है। कि कोई क्षेत्रीय अखंडता नहीं है। यह भारतीय संविधान में इतना अनोखा है कि हमें किसी अन्य संविधान में इसकी समानता नहीं मिलती। हमें जनता से किये गये ऐतिहासिक वादों का सम्मान करना होगा। हमारा संविधान लोगों से किये गये वादों से भरा पड़ा है। भारत दुनिया का सबसे विविधतापूर्ण देश है। वह विविधता इस संविधान में प्रतिबिंबित होती है। और यह सिर्फ धारा 370 नहीं है, ऐसे कई अन्य अनुच्छेद हैं जहां राज्यों की विधानसभाओं की सहमति की आवश्यकता होती है।

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