By रेनू तिवारी | Jan 13, 2026
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से सटे भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षा बलों ने रुपईडीहा बॉर्डर पर एक लग्जरी गाड़ी में सवार पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक खुद को फर्जी तरीके से 'आईएएस अधिकारी' बता रहा था। मिली जानकारी के अनुसार, एक लग्जरी वाहन में सवार होकर कुछ लोग नेपाल की ओर जा रहे थे। गाड़ी के आगे 'भारत सरकार' की पट्टिका और नीली बत्ती लगी देख सुरक्षाकर्मियों को संदेह हुआ। जब टीम ने वाहन को रोककर पूछताछ की, तो मुख्य आरोपी ने खुद को IAS अधिकारी बताते हुए धौंस जमाने की कोशिश की।
पुलिस उपाधीक्षक पहुप कुमार सिंह ने सोमवार को बताया कि भारत-नेपाल सीमावर्ती रूपईडीहा सीमा पर रविवार शाम साढ़े सात बजे हूटर बजाते हुए लाल-नीली बत्ती लगी एक कार में पांच लोग नेपाल जाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने जब उन्हें रोककर पूछताछ की तो उनमें से एक व्यक्ति ने अपना नाम धर्मेंद्र बताया और खुद को आईएएस अधिकारी बताते हुए कहा कि वह लखनऊ सचिवालय में तैनात है।
पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि शंका होने पर एसएसबी, रूपईडीहा पुलिस और सीमा पर तैनात अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने विस्तृत पूछताछ की तो मालूम हुआ कि इन पांचों में से ना तो कोई आईएएस अधिकारी है और ना ही वाहन पर लाल-नीली बत्ती लगाने के लिए अधिकृत हैं। आरोपियों की पहचान लखनऊ निवासी धर्मेंद्र सिंह, शुभम बाजपेई, अनमोल सिंह, सचिन सिंह और स्वप्नल सहाय के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि जिस वाहन पर सवार होकर सभी आरोपी जा रहे थे, वहधर्मेंद्र की पत्नी की कंपनी प्रिया एजेंसी के नाम पर लखनऊ में पंजीकृत है।
अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों स्वीकार किया कि वे नेपाल में कैसीनो में जुआ खेलने जा रहे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनके कब्जे से 2.17 लाख रुपये, छह मोबाइल फोन, एक इलेक्ट्रॉनिक चिप डिवाइस तथा पावर बैंक बरामद किए हैं।