By मिताली जैन | Jul 30, 2026
खाना बनाते समय स्वाद और सेहत दोनों का ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है। लेकिन खाने को ज्यादा टेस्टी बनाने के चक्कर में वे ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिनसे भोजन का स्वाद, टेक्सचर और पोषण तीनों प्रभावित हो जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि ये गलतियां लगभग हर इंडियन किचन में की जाती हैं और हमें इसका अंदाजा तक नहीं होता।
ब्रोकली में विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में पाया जाता है। लेकिन जब इसे लंबे समय तक पानी में उबाला जाता है, तो ऐसे में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पानी में घुल जाते हैं। इसलिए, ब्रोकली को हमेशा महज 2-3 मिनट तक ही स्टीम करें और हल्का क्रंच रहने दें।
ग्रोकली की तरह ही पालक को भी जरूरत से ज्यादा पकाना सही नहीं माना जाता। ऐसा करने से उसके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। पालक को हमेशा केवल 2-4 मिनट तक पकाएं। इसे ढककर अधिक देर तक न रखें और सूप, दाल या सब्जी में आखिर में मिलाएं। ऐसा करने से इसके आयरन, फोलेट और विटामिन्स बेहतर मात्रा में सुरक्षित रहते हैं।
अधिकतर डिशेज को बनाते समय लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन लहसुन को तेज आंच पर पकाने से बचना चाहिए। जला हुआ लहसुन खाने का स्वाद कड़वा कर देता है और उसकी खुशबू भी खत्म हो जाती है। इसलिए, लहसुन को मध्यम या धीमी आंच पर भूनें। जैसे ही हल्का सुनहरा हो, तुरंत अगली सामग्री डाल दें। इससे आपको अधिक बेहतर फ्लेवर मिलता है।
चावल केा पकाने से पहले धोया जाता है। उसे एक-दो बार धोना ठीक है, लेकिन जरूरत से ज्यादा धोने से कई पानी में घुलने वाले पोषक तत्व कम हो सकते हैं। इसलिए, चावल को 2-3 बार ही धोएं और पकाने से पहले 20-30 मिनट भिगोकर रख दें। साथ ही, चावल पकाते समय जरूरत के अनुसार पानी का उपयोग करें।
अंडे को सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। लेकिन उसे बहुत ज्यादा पकाने की गलती नहीं करनी चाहिए। ओवरकुक किए गए अंडों की जर्दी के चारों ओर हरे रंग की परत बन जाती है और उनका टेक्सचर भी खराब हो जाता है। इसलिए, उन्हें उबालने के बाद तुरंत ठंडे पानी में डालें।
- मिताली जैन