Gangaur Vrat Puja: अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र के लिए आज इस विधि से करें व्रत, जानें Muhurat

By अनन्या मिश्रा | Mar 21, 2026

हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर मनाया जाता है। इस बार आज यानी की 21 मार्च 2026 को गणगौर व्रत किया जा रहा है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत करती हैं। इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। बता दें कि यह सिर्फ एक व्रत नहीं है, बल्कि भोलेनाथ और मां पार्वती के अटूट प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। तो आइए जानते हैं गणगौर पूजा की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व के बारे में...

तिथि और मुहूर्त

आज यानी की 21 मार्च की सुबह 02:31 मिनट पर तृतीया तिथि की शुरूआत हुई है। वहीं इस तिथि की समाप्ति रात 11:57 मिनट पर समाप्त होगी। पंचांग के आधार पर 21 मार्च 2026 को गणगौर व्रत किया जा रहा है। वहीं आज रवि योग बन रहा है।

पूजन विधि 

इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करके साफ कपड़े पहनें। फिर पूजाघर को साफ करके लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। फिर मिट्टी या लकड़ी से बनी ईसर यानी की भगवा शिव और मां गौरी की मूर्ति को स्थापित करें। एक कलश में गंगाजल भरें और इसके ऊपर गेहूं के ज्वारे रखें। अब मां गौरी को मेहंदी, कुमकुम, चूड़ियां, मंगलसूत्र और नए वस्त्र आदि अर्पित करें। षोडशोपचार विधि से पूजा करें और फल-फूल, जल, धूप, अक्षत, नैवेद्य आदि अर्पित करें। पूजा के अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें। 

मंत्र

ॐ ह्रीं गौरीपतये स्वाहा 

कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि । नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥

महत्व

इस दिन महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं। वहीं अविवाहित महिलाएं योग्य जीवनसाथी के लिए प्रार्थना करती हैं। गणगौर का पर्व होली के बाद शुरू होता है। यह 18 दिनों तक चलता है और तृतीया तिथि को समाप्त होता है।

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