By अभिनय आकाश | Jul 18, 2026
शेख हसीना का तख्ता पलट होने के बाद से ही बांग्लादेश किस तरह से भारत विरोधी रास्ते पर चल रहा है उसके लगातार सबूत सामने आ रहे हैं। पहले तो पाकिस्तान के इशारों पर मोहम्मद यूनुस ने भारत के खिलाफ खूब जहर उगला और फिर ऐसे फैसले लिए जिसने दोनों देशों के रिश्तों में खटास पैदा करने का काम किया। लेकिन अब तारिक रहमान भी पीएम बनने के बाद भारत विरोधी एजेंडे पर काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। तारिक रहमान अब भारत के दुश्मनों से हाथ मिलाकर भारत को कमजोर करने वाले फैसले ले रहे हैं। पीएम तारिक रहमान ने भारत के साथ चली आ रही परंपरा को तोड़ते हुए पहली विदेश यात्रा के तौर पर चीन का चयन किया और अब तारिक चीन को बॉर्डर इलाके में मजबूत करने के लिए जमीन मुहैया कराने में जुटे हैं। फिर चाहे वह तीस्ता प्रोजेक्ट हो या लाल मॉडरहाट एयरबेस को डेवलप करने की योजना हो जो कि भारतीय सीमा से 20 किमी से भी कम दूरी पर है और भारत के संवेदनशील चिकन नेक के काफी करीब पड़ता है।
सिलगुड़ी में बीएसएफ की जुमागा सीमा चौकी का दौरा करेंगे। 18वीं बटालियन बॉर्डर आउटपोस्ट पर जवानों से बातचीत करेंगे। इस मौके पर बीएसएफ के अलग-अलग विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। यही नहीं बल्कि शाह पश्चिम बंगाल में बॉर्डर से जुड़े मामलों पर बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद वे पश्चिम बंगाल में तीन नए कानूनों की भी समीक्षा मीटिंग लेंगे। दरअसल चीन की लंबे समय से सिलुगुड़ी कॉरिडोर यानी कि चिकन नेक पर बोरी नजर रही है। ऐसे में बीजिंग का बॉर्डर के करीब आना खतरे की घंटी से कम नहीं है। भारत भी इस बात को अच्छी तरह से जानता है। इसीलिए भारत चिकनेक और बांग्लादेश बॉर्डर से लगते इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रहा है।