Mega DSC-2025 Recruitment: पूर्व AG एस श्रीराम ने उठाई CBI जांच की मांग, Sports Quota में बड़े घोटाले का दावा

By अभिनय आकाश | Aug 04, 2026

Mega DSC-2025 से जुड़ी जनहित याचिका (PIL) में याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट और आंध्र प्रदेश के पूर्व एडवोकेट जनरल, एस. श्रीराम सुब्रह्मण्यम ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट से पूरी भर्ती प्रक्रिया की CBI जांच का आदेश देने का आग्रह किया।

इसे भी पढ़ें: Andhra Pradesh में Godavari नदी का जलस्तर घटा, बैराज पर पानी का भारी प्रवाह जारी

सुब्रह्मण्यम ने तर्क दिया कि सरकार ने Mega DSC-2025 का नोटिफिकेशन जारी करने से ठीक पहले स्पोर्ट्स कोटा पॉलिसी में बड़े बदलाव किए। उन्होंने बताया कि स्पोर्ट्स कोटा के तहत आरक्षण को 2% से बढ़ाकर 3% कर दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि प्रवेश परीक्षा पास करने की अनिवार्यता को हटा दिया गया था। वकील के अनुसार, इन बदलावों से उम्मीदवारों के एक पहले से तय समूह को फायदा हुआ और ये बदलाव बिना किसी पारदर्शिता के किए गए थे। वकील ने कहा कि कई उम्मीदवारों को कथित तौर पर ऐसे स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी मिली, जो तय योग्यता नियमों को पूरा नहीं करते थे। उन्होंने कोर्ट के सामने कुछ सर्टिफिकेट के नमूने पेश किए और तर्क दिया कि कुछ उम्मीदवारों ने मान्यता प्राप्त राज्य या राष्ट्रीय स्तर के इवेंट्स के बजाय सिर्फ़ स्थानीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि ये उदाहरण गड़बड़ियों के एक पैटर्न को दिखाते हैं, न कि अलग-थलग गलतियों को।

इसे भी पढ़ें: Andhra Pradesh में लोकतंत्र खतरे में? Jagan बोले- Naidu सरकार में कानून व्यवस्था चौपट, बदले की राजनीति चरम पर!

सुब्रह्मण्यम ने बताया कि जनता की आलोचना के बाद सरकार ने स्पोर्ट्स कोटा से जुड़े सरकारी आदेश वापस ले लिए थे। उनके अनुसार, इस वापसी ने ही पॉलिसी में बदलावों पर गंभीर सवाल खड़े किए और एक स्वतंत्र जांच की ज़रूरत को सही ठहराया।

वकील ने कोर्ट को बताया कि जिन जानकारियों का इस्तेमाल किया गया, उनमें से ज़्यादातर 'सूचना का अधिकार' (RTI) आवेदनों और अन्य सार्वजनिक स्रोतों से हासिल की गई थीं। उन्होंने बताया कि कोर्ट के सामने सिर्फ़ कुछ उदाहरण ही पेश किए गए क्योंकि सरकार ने पूरी मेरिट लिस्ट जारी नहीं की थी। वकील ने कहा कि कई प्रभावित उम्मीदवार कोर्ट नहीं आए क्योंकि उन्हें कानूनी कार्रवाई और डराए-धमकाए जाने का डर था। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि सरकारी संचार में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आरोपों को प्रकाशित करने से हतोत्साहित किया गया। उन्होंने कोर्ट के सामने सहायक सामग्री पेश करने का भरोसा दिलाया।

प्रमुख खबरें

11 अगस्त को बलूचिस्तान की आजादी का ऐलान! भारत भी हैरान

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के सुप्रीमो प्रशांत किशोर की जीत के सियासी मायने चौंकाने वाले

Ranchi Protest पर Hemant Soren बोले, सरकार संवेदनशील है, छात्रों की सुनती है

Shashi Tharoor की अध्यक्षता में India-Sri Lanka Relations पर मंथन, MEA अधिकारियों संग बड़ी Meeting