भरतपुर में स्टोन क्रशर विवाद के दौरान जानलेवा हमला, पूर्व BJP MLA अतर सिंह भड़ाना की मौत

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 12, 2026

राजस्थान के भरतपुर जिले में पत्थर तोड़ने वाला संयंत्र (स्टोन क्रशर) दोबारा शुरू करने को लेकर विवाद के बाद कुछ ग्रामीणों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना पर कथित तौर पर हमला कर दिया, जिसमें उनकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए। पुलिस ने सोमवार को बताया कि यह घटना रविवार रात भौंडा गांव में हुई, जहां भड़ाना अपने स्टोन क्रशर स्थल पर गए थे।

बाद में भड़ाना को जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल और शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया। एसएमएस अस्पताल में भड़ाना को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों ने भड़ाना पर चरागाह भूमि पर कब्जा करने और अवैध खनन गतिविधियां संचालित करने का आरोप लगाया था।

क्रशर लगभग एक साल से बंद था और इसे दोबारा शुरू करने की कोशिशों के कारण विवाद बढ़ गया था। ग्रामीणों का दावा है कि वे क्रशर दोबारा शुरू करने के प्रस्ताव के विरोध में पिछले 10 से 15 दिन से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि रविवार शाम भड़ाना करीब 40 से 50 लोगों के साथ क्रशर स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को वहां से हटाने की कोशिश की, जिसके बाद टकराव शुरू हो गया।

दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। भरतपुर में भड़ाना की पत्नी कमलेश ने आरोप लगाया कि रविवार को जब उनके पति और अन्य लोग क्रशर स्थल पर पहुंचे, तो करीब 70 से 80 लोगों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि घटना के समय क्रशर स्थल पर 20 से 25 कर्मचारी मौजूद थे।

हमले में भड़ाना के सिर में गंभीर चोटें आईं, उनके हाथ-पैर में फ्रैक्चर हुआ और शरीर के कई हिस्सों में चोटें लगीं। क्रशर स्थल के पास बने दो कमरों वाले कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई। पुलिस के अनुसार, गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मेडिकल बोर्ड ने भड़ाना के शव का पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार शव लेकर हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित उनके पैतृक गांव के लिए रवाना हो गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। भरतपुर के जिला पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने संवाददाताओं को बताया कि भड़ाना के परिजनों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

पुलिस ने कुछ संदिग्धों से पूछताछ की है और आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने घटनास्थल पर गोलीबारी होने की आशंका से प्रथम दृष्टया इनकार किया।

पुलिस के एक अन्य अधिकारी के अनुसार, भड़ाना के परिजनों ने 35 से 40 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने घटना को राजस्थान में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने का सबूत बताया। गहलोत ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या हो गई।

यह राजस्थान में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने का सबूत है। जब एक पूर्व विधायक को दिनदहाड़े 70-80 लोग घेरकर मार दें, तो आम आदमी का तो राम ही रखवाला है इस राज में।” गहलोत ने कहा, “खबरों के अनुसार यह विवाद करीब दो साल से चल रहा था। दो साल तक पुलिस और प्रशासन क्या करता रहा?

जब चेतावनी साफ थी, तब कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यह हत्या पुलिस-प्रशासन की नाकामी का नतीजा है। जिस सरकार में अपने ही पूर्व विधायक सुरक्षित नहीं, वह जनता को सुरक्षा का भरोसा कैसे दे सकती है?” कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा, “राजस्थान में जब पूर्व विधायक और जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा? खनन विवाद में दिनदहाड़े हिंसा, डेढ़ घंटे तक पथराव और पूर्व विधायक की हत्या बताती है कि प्रदेश में कानून का इकबाल खत्म हो चुका है।” डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल बयानबाजी से कानून-व्यवस्था नहीं सुधरेगी। उन्होंने दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी घटना को लेकर राज्य सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी, आखिर कब तक जनता अपराध, भय और असुरक्षा का दंश झेलती रहेगी? आखिर कब तक सरकार कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ती रहेगी?

मुख्यमंत्री जी, जवाब दीजिए कि आखिर राजस्थान में कानून का राज है या दबंगों और माफियाओं का?” जूली ने कहा कि यह घटना बताती है कि सरकार और पुलिस-प्रशासन ने अपराधियों के सामने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने कहा कि पूर्व विधायक भड़ाना की लाठियों और पत्थरों से हमला कर हत्या किए जाने की खबर बेहद चिंताजनक है।

यह घटना प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पायलट ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भड़ाना के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।

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