By अभिनय आकाश | May 04, 2026
दक्षिण चीन सागर की लहरें इस वक्त बारूद की गन से भरी हुई है। एक तरफ दुनिया का सबसे बड़ा विस्तारवादी देश चीन है जो समुद्र को अपनी जागीर समझता है और दूसरी तरफ भारत का वो जांबाज दोस्त जिसने हाल ही में भारत से ब्रह्मोस जैसी घातक मिसाइलें खरीद ली हैं। फिलीपींस ने चीन की चालबाजियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सैन्य और रणनीतिक ऐलान कर दिया है। फिलीपींस ने साफ कह दिया कि अब बातचीत का समय बीत चुका है और कार्रवाई का वक्त शुरू हो चुका है। चीन के जिस ड्रोन, मदरशिप और जासूसी जहाजों से पूरी दुनिया खौफ खाती है, उन्हें खदेड़ने के लिए फिलीपींस ने अपने विमान और जंगी जहाज तैनात कर दिए हैं। चीन ने फिलीपींस के समुद्री जल क्षेत्र जिसे हम वेस्ट फिलीपींस सी कहते हैं वहां अपना सबसे आधुनिक और खतरनाक हथियार भेज दिया है और इसका नाम है जुआईयन। यह कोई साधारण जहाज नहीं है। इसे दुनिया का पहला इंटेलिजेंट ड्रोन मदरशिप कहा जाता है। यह समुंदर में चलता फिरता एक ऐसा रोबोटिक अड्डा है जो एक साथ 50 से ज्यादा मानव रहित ड्रोंस यानी कि यूएवीस, समुद्री ड्रोंस और पानी के नीचे रहने वाले ड्रोंस यानी कि यूवीस को कंट्रोल कर सकता है।
चौथा है जिया गैंग। यह जहाज भी अंडर वाटर ड्रोनस तैनात करने में माहिर है। अब बात आती है उस मुद्दे की जो भारत के लिए गर्व की बात है। फिलीपींस की इस नई हिम्मत के पीछे एक सबसे बड़ा कारण है भारत के साथ उसकी बढ़ती सैन्य ताकत। फिलीपींस अब वो देश नहीं रहा जिसे चीन डरार धमका कर पीछे हटा दे। फिलीपींस अब ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का मालिक है। यही वजह है कि फिलीपींस के कोस्ट गार्ड कमांडेंट एडमिरल रोनी गिल गावन ने गरजते हुए कहा कि हम अपनी संप्रभुता के साथ समझौता नहीं करेंगे। चीन के यह जहाज बिना हमारी अनुमति के हमारे घर में घुस आए हैं। हमने अपने विमानों और जहाजों को आदेश दे दिया है। जाओ और इन घुसपैठियों को हमारे समुंदर के बाहर खदेड़ दो। यह सीधा संदेश है कि भारत का दोस्त अब बीजिंग की आंखों में आंखें डालकर बात कर रहा है और यह ताकत उसने भारत की ब्रह्मोस से पाई है। सिर्फ सेना ही नहीं फिलीपींस के आम नागरिक भी चीन के खिलाफ खड़े हो चुके हैं।