By अभिनय आकाश | Jul 09, 2026
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को आतंकवाद की समस्या की कड़ी निंदा की और इस बात पर ज़ोर दिया कि सभी देश बिना किसी दोहरे मापदंड के इसका मिलकर मुकाबला करें। उन्होंने आतंकवाद से किसी भी तरह से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बानीज़ के बीच बातचीत के बाद एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा हुई और प्रधानमंत्री ने एक बार फिर उस क्षेत्र में स्थायी शांति देखने की भारत की इच्छा जताई।
एक सवाल का जवाब देते हुए मिसरी ने कहा कि आतंकवाद दोनों देशों की साझा चिंता है। उन्होंने कहा, "चर्चा के दौरान उन भयानक आतंकवादी घटनाओं का भी ज़िक्र हुआ जिनका असर दोनों देशों पर पड़ा है। मैं कहूंगा कि यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर दोनों देशों की सोच पूरी तरह से मिलती है और इस चुनौती से निपटने के लिए बातचीत के साथ-साथ क्षमताएं बढ़ाने और कार्रवाई करने के तरीकों पर भी सहमति है।