देश में महंगाई के बीच बढ़ी ईंधन की मांग, सामने आए चौंका देने वाले आंकड़े

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 11, 2022

नयी दिल्ली। पेट्रोल एवं डीजल की खपत महामारी-पूर्व स्तर पर पहुंचने के बीच मार्च में देश की ईंधन मांग 4.2 प्रतिशत बढ़कर तीन साल के उच्चस्तर पर पहुंच गई। पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम नियोजन एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ की तरफ से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च, 2022 में पेट्रोलियम उत्पादों की कुल खपत 1.94 करोड़ टन रही, जो मार्च, 2019 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर के असर से अर्थव्यवस्था के उबरने के बीच परिवहन ईंधन की मांग मार्च में बढ़ गई।

इसे भी पढ़ें: लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 400 अंक टूटा, निफ्टी 17,690 से नीचे

देश में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले ईंधन डीजल का कुल ईंधन खपत में हिस्सा 40 फीसदी रहा। मार्च में डीजल की मांग 6.7 प्रतिशत बढ़कर 77 लाख टन पर पहुंच गई। वहीं पेट्रोल की खपत 6.1 प्रतिशत बढ़कर 29.1 लाख टन रही। खास बात यह है कि पेट्रोल एवं डीजल दोनों ही ईंधनों की मांग मार्च में महामारी-पूर्व स्तर को पार कर गई। डीजल की मांग कृषि कार्यों के कारण बढ़ी जबकि पेट्रोल की मांग बढ़ने की एक वजह कीमतों में वृद्धि की आशंका रही। खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी की मांग मार्च में 9.8 प्रतिशत बढ़कर 24.8 लाख टन हो गई।

इसे भी पढ़ें: अनएकेडमी ने खराब प्रदर्शन, जरूरत नहीं होने के आधार पर 600 कर्मचारियों को निकाला

अगर समूचे वित्त वर्ष की बात करें तो वर्ष 2021-22 में ईंधन की मांग 4.3 प्रतिशत बढ़कर 20.27 करोड़ टन पर पहुंच गई जो वर्ष 2019-20 के बाद का उच्चस्तर है। इस दौरान वाहन ईंधन एवं रसोई गैस की खपत बढ़ी जबकि औद्योगिक ईंधन की खपत में गिरावट दर्ज की गई। पेट्रोल की खपत 10.3 प्रतिशत बढ़कर 3.08 करोड़ टन हो गई जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। वहीं डीजल की बिक्री 5.4 प्रतिशत बढ़कर 7.67 करोड़ टन हो गई। विमान ईंधन एटीएफ की मांग 35 प्रतिशत बढ़कर 50 लाख टन हो गई लेकिन यह अब भी महामारी-पूर्व स्तर से काफी कम है। इसकी वजह यह है कि देश में विमानन सेवाएं पूरी तरह से वित्त वर्ष 2021-22 के आखिर में ही बहाल हुईं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, कारखानों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन नाफ्था और सड़क निर्माण में लगने वाले बिटुमेन की खपत क्रमशः 1.42 करोड़ टन और 77 लाख टन रही।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Indian Overseas Bank में बड़ा बवाल, Strike से पहले Officers का दफ्तर सील करने का आरोप

Supreme Court के फैसले के बाद Donald Trump का बड़ा एक्शन, 15% Global Tariff लगाने का संकेत

ICC Pre-Seeding विवाद पर बोले Sunil Gavaskar- टूर्नामेंट से पहले क्यों नहीं उठाए सवाल?

T20 World Cup Super 8: अजेय Team India के Playing XI पर Ravi Shastri की बड़ी टिप्पणी, इस खिलाड़ी पर सस्पेंस