By Rajeev Sharma | Sep 07, 2021
मेरठ,हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी का विशेष महत्व है। भाद्रपस मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी मनाते हैं। सभी देवों में प्रथम आराध्य देव श्रीगणेश की पूजा करने और उन्हें प्रसन्न करने का त्योहार इस साल 10 सितंबर से शुरू हो रहा है। इस दिन भगवान गणेश विराजेंगे और 19 सितंबर यानी अनंत चतुर्दशी के दिन उन्हें विदा किया जाएगा।
बेगम बाग स्थित शंकर मूर्ति केंद्र के मूर्तिकार शीशराम धनपति ने बताया कि इस साल अधिकतर ईको फ्रेंडली मूर्तियां तैयार की गई हैं। इनसे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता है। छह इंच से लेकर साढ़े छह फीट तक की मूर्तियां हाथ से तैयार की गई हैं। इनकी कीमत सौ रुपये से पांच हजार रुपये तक है। मेरठ की बनी मूर्तियां देहरादून, सहारनपुर, गाजियाबाद, दिल्ली तक जा रही हैं।
थापर नगर स्थित साजन मूर्ति कला केंद्र के मूर्तिकार मुकेश पाल का कहना है कि गणोशजी मूर्ति में हर बार की तरह इस बार भी लाल बाग के राजा, दगडू सेठ, अष्टविनायक, अमरावती के गणेश, सिद्धि विनायक, बाल गणेश, टेटूआ गणपति, श्रृंगार गणोश और पगड़ी वाले गणोश की मांग है। चार इंच से लेकर चार फीट तक की मूर्तियां तैयार की गई हैं।