By दिव्यांशी भदौरिया | Sep 22, 2026
सनातन धर्म में अनंत चतुर्दशी का विशेष महत्व है। भगवान गणेश को यह दिन समर्पित है। इस समय देशभर में गणेश उत्सव की धूम देखने को मिल रही है। अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति जी का विसर्जन किया जाएगा।
विसर्जन से पहले पूजा की विधि
- अनंत चतुर्दशी के दिन विसर्जन करने से पहले साफ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल गंगाजल छिड़क कर उसे शुद्ध करें।
- भगवान गणेश जी की पूजा करने से पहले घी का दीपक जलाएं।
- अब बप्पा को कुमकुम, अक्षत, हल्दी और चंदन का तिलक लगाएं।
- इसके बाद दुर्वा की 21 गांठें चढ़ाएं।
- गणेश विसर्जन के लिए लाल या पीले कपड़े में नारियल, गुड़, चावल, मोदक और कुछ सिक्के बांधकर मूर्ति के पास रख दें।
- अब विधिवत रुप से आरती करें।
- इसके बाद गणेश चलीसा का पाठ करें और मंत्रों का जप करें।
- अब बप्पा से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें और पूजा के दौरान हुई किसी भी गलती के लिए क्षमा मांगे।
- बप्पा के जायकरों के साथ गणेश विसर्जन करें।
अनंत चतुर्दशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत- 24 सितंबर को रात 11 बजकर 18 मिनट पर
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि का समापन- 25 सितंबर को रात 11 बजकर 08 मिनट पर
वैदिक पंचांग के अनुसार, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी है। इसी दिन गणेश विसर्जन किया जाएगा।
अनंत चतुर्दशी पूजा मुहूर्त- सुबह 06 बजकर 11 मिनट से 11 बजकर 06 मिनट तक।
गणेश विसर्जन के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त
प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत)- सुबह 06 बजकर 21 मिनट से 10 बजकर 52 मिनट तक
अपराह्न मुहूर्त (शुभ)- दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से 01 बजकर 53 मिनट तक
सायं मुहूर्त (चर)- शाम 04 बजकर 54 मिनट से 06 बजकर 25 मिनट तक
रात्रि मुहूर्त (लाभ)- रात 09 बजकर 24 मिनट से 10 बजकर 53 मिनट तक
रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर)- रात 12 बजकर 23 मिनट से 04 बजकर 52 मिनट तक (26 सितंबर)