By प्रेस विज्ञप्ति | Oct 01, 2021
लखनऊ। प्रदेश में गंगा समेत अन्य प्रमुख नदियों में प्रदूषण काफी कम हुआ है। नदियों की धारा अविरल और निर्मल हुई हैं। नदियों में गिरने वाले नाले-नालियों को टैप किया गया है। राज्य सरकार ने प्रदेश में 3298.84 एमलडीए के 104 एसटीपी चालू किये हैं। नमामि गंगे परियोजना के तहत संचालित परियोजनाओं ने दूषित हो चुकी नदियों को फिर से स्वच्छता प्रदान की है। तेजी से चलाए गये स्वच्छता अभियानो से गंगा ही नहीं प्रदेश की गोमती, सरयू, यमुना, राप्ती समेत सभी प्रमुख नदियों की हालत सुधरी है। गंदगी की मात्रा घटने से जलीय जीवों को जीवन मिला है और सिल्ट निकाले जाने से नदियों की सतही सफाई संभव हुई है।
नमामि गंगे योजना से कानुपर में सीसामऊ नाला पूरी तरह से बंद कियासरकार ने नमामि गंगे योजना के तहत सीसामऊ नाला परियोजना के माध्यम से नाले को पूरी तरह से बंद करके एसटीपी में डालने का काम किया है। कानपुर में 128 साल पुराना सीसामऊ नाला गंगा नदी में गंदगी के गिरने का बड़ा कारण हुआ करता था। नमामि गंगे योजना के तहत इस नाले के 140 एमएलडी सीवेज को आई.एण्ड.डी द्वारा टैप कर 80 एमएलडी बिनगवां एसटीपी और 60 एमएलडी जाजमऊ एसटीपी से शोधित किया जा रहा है। इस प्रणाली के माध्यम से कानपुर में गंगा नदी में गिरने वाला प्रदूषण पूरी तरह से बंद हुआ। जिससे गंगा नदी के प्रवाह में गुणवत्ता में काफी सुधार आया है।